लखनऊ

विवेक हत्याकांड में एसआईटी पहुंची मौक पर- पुलिस कांसटेबिल के खिलाफ अहम सबूत

विवेक तिवारी गरीब परिवार से था, अब बड़ी जिम्मेदारियां आ गई पत्नी पर

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Sep 30, 2018
Vivek Tiwari

लखनऊ। आईफोन ऐप्पल कम्पनी के विवेक तिवारी हत्या कांड में एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। इतवार को जांच के दौरान मौके से पुलिस कांस्टेबिल के खिलाफ अहम सबूत मिले हैं। इस हत्याकांड की जांच टीम में क्राईम ब्रांच, फारेंसिक, बैलिस्टिक एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं।

विवाद बढ़ता देख सरकार ने एसआईटी को दी थी जांच
विवेक तिवारी हत्याकांड की जांच सरकार ने एसआईटी को शनिवार को उस वक्त सौंपी जब विवाद बढऩे लगा। जनाक्रोश को कम करने के लिए शासन ने यह कदम उठाया था। एसआईटी ने रविवार को जांच शुरू कर दी है. एसआईटी प्रमुख आईजी रेंज सुजीत पांडेय इतवार को दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने मौका-ए-वारदात की तस्वीरों के साथ ही सैंपल भी इक_ा किए। जांच के दौरान घटना के बाद सबसे पहले पहुंचने वाले पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। वहीं एसआईटी में क्राईम ब्रांच, फारेंसिक, बैलिस्टिक एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं।

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एसआईटी के साथ ज्युडिशियल जांच भी होगी
फोन लांचिंग के बाद शुक्रवार-शनिवार की देर रात लगभग डेढ़ बजे 38 वर्षीय सहकर्मी विवेक तिवारी अपनी दफ्तर की साथी सना के साथ घर जा रहे थे। उसी वक्त गोमतीनगर मे दो पुलिसकर्मी आए। विवेक तिवारी ने गाड़ी आगे बढ़ाने की कोशिश की, इस दौरान एक पुलिसकर्मी ने गोली चला दी. गोली लगने से विवेक तिवारी की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस अफसरों ने भी मनगढ़ंत कहानियां बनाना शुरू किया लेकिन जनता का आक्रोश बढऩे के कारण दबाव बढ़ा तो आखिरकार आरोपी सिपाहियों को गिरफ्तार किया गया. यही नहीं सरकार की तरफ से एसआईटी जांच के आदेश दिए गए और ज्युडिशियल इंक्वायरी के भी आदेश दिए गए हैं।

विवेक तिवारी गरीब परिवार से था, अब बड़ी जिम्मेदारियां आ गई पत्नी पर
यूं तो विवेक तिवारी एक साधारण आम भारतीय परिवार से था। उसकी मां और दो बिटियों व पत्नी के आलावा भी कई जिम्मेदारियां थीं। अब उसकी मौत के बाद ये सारी जिम्मेदारी उसकी पत्नी के ऊपर आ गई हैं। मृतक की पत्नी ने पुलिस विभाग में नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक वह अपने पति का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी. इस बीच लखनऊ के जिलाधिकारी कौशल राज ने परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में नौकरी और आर्थिक सहायता के रूप में 25 लाख रुपये देने का लिखित आश्वासन दिया था। जांच के इतर इतवार को अंत्येष्टि के बाद विवेक के घर बड़े बड़े नेताओं का आना जारी रहा।

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Published on:
30 Sept 2018 04:59 pm
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