
रायबरेली. अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी के नामांकन रद्द करने की मांग की गई है, वहीं कांग्रेसियों की ओर से रायबरेली से भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह का नॉमिनेशन कैंसिल करने की मांग की गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नामांकन के खिलाफ आपत्ति में राहुल का असली नाम राउल बिंसी बताते हुए उनकी ब्रिटिश नागरिकता पर सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा स्टाम्प पेपर अमेठी की जगह दिल्ली से खरीदने, शैक्षणिक योग्यता में हेरफेर करने व चल संपत्ति का ब्योरा न देने पर भी आपत्ति जताई गई है। निर्दलीय प्रत्याशी ध्रुव लाल कौशल के वकील उनके वकील अफजल वारिस, सुरेंद्र चन्द्र और सुरेश कुमार शुक्ला की आपत्ति पर जिला निर्वाचन कार्यालय में मामले से सम्बंधित सुनवाई 22 तक के लिए टाल दिया गया है। राहुल गांधी के वकील राहुल कौशिक ने रिटर्निंग अधिकारी से समय मांगा है। अब 22 अप्रैल को वह इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष का पक्ष रखेंगे।
ध्रुवलाल कौशल के वकील का दावा है कि राहुल ने गलत दस्तावेज पेश कर नामांकन किया है और निर्वाचन अधिकारी को गुमराह किया है। वकील का आरोप है कि राहुल ने दस्तावेजों में इंग्लैंड की अपनी कंपनी का जिक्र भी नहीं किया है। साथ ही एफिडेविट में जिन कॉलेजों से पढ़ाई करने का दावा किया गया है राहुल ने उन कॉलेजों से पढ़ाई नहीं की। राहुल ने 10 अप्रैल को अमेठी में नामांकन किया था।
सोनिया ने छिपाया पूरा नाम?
भाजपा उम्मीदवार दिनेश सिंह के वकील ने सोनिया गांधी के नागरिकता फार्म में दर्ज नाम के आधार पर नामांकन में आपत्ति दाखिल की है। उनका कहना है कि 1983 में जब सोनिया गांधी ने भारत की नागरिकता ली थी, तब उनका नाम सोनिया एलियस एंटीनियो माइनो था। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्र में सोनिया गांधी ने अपना पूरा नाम नहीं लिखा। यह अपराध है। इन्होंने सिग्नेचर ग्रांटी में अपना पूरा सही नाम नहीं लिखा है, जो इन भारत सरकार सिटीजनशिप के द्वारा मिला था इसलिए उनका नामांकन खारिज किया जाये।
भाजपा प्रत्याशी का नामांकन निरस्त करने की मांग
सोनिया गांधी के सांसद प्रतिनिध केएल शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनका नामांकन रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दिनेश प्रताप सिंह कांग्रेस से एमएलसी हैं, लेकिन अभी तक इन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। पहले वह कांग्रेस पद से इस्तीफा दें और फिर भाजपा से एमएलसी बनें। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा प्रत्याशी ने नामांकन पत्र में फार्म 26 के देनदारी वाले कॉलम में देनदारी शून्य दिखाई, जबकि उन्होंने अभी तक सरकारी राजस्व का पैसा नहीं चुकाया है। उपरोक्त मामलों को देखते हुए केएल शर्मा ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की औ रायबरेली से भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह का नामांकन निरस्त करने की मांग की। मामले में भाजपा प्रत्याशी दिनेश सिंह की ओर से कहा गया कि सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने कोई गलत हलफनामा नहीं दिया।