लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन देखने को मिल सकता है
लखनऊ. लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन देखने को मिल सकता है। बीजेपी को हराने की उनकी इस मुहिम में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी शामिल होगी। तीनों दलों के गठबंधन पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अभी सीटों के बंटवारे पर पेंच फंसा हुआ है।
छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की जनता कांग्रेस (छत्तीसगढ़- जे) से गठबंधन कर चुनाव लड़ने जा रहीं मायावती मध्य प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, वह बसपा के 50 प्रत्याशियों की सूची भी जारी कर चुकी हैं। वहीं, अखिलेश यादव भी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी संग मिलकर मध्य प्रदेश का चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। बावजूद इसके अब तीनों दलों के गठबंधन की चर्चा जोरों पर है।
गठबंधन पर सहमति, सीटों के बंटवारे पर फंसा पेंच
सूत्रों की मानें तो सपा-बसपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में गठबंधन पर सहमति बन चुकी है। सीटों का बंटवारा होते ही इस गठबंधन की अधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। सीटों के बंटवारे को लेकर इन तीनों दलों के नेताओं के बीच बैठकों का दौर जारी है। खबरों के मुताबिक, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी उत्तर प्रदेश की दोनों पार्टियों को ज्यादा सीटें नहीं देना चाहती है। फिलहाल, मानने-मनाने की कवायद जारी है।
लोकसभा चुनाव में भी दिखेगा कांग्रेस से तल्खी का असर!
सपा-बसपा दोनों पार्टियों का जोर उत्तर प्रदेश से बाहर अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने पर है। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहले ही कांग्रेस से गठबंधन की गुंजाइश खत्म कर चुके हैं। अखिलेश ने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने काफी इंतजार कराया, अब हमारी पार्टी गोंडवाना पार्टी या बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है दोनों पार्टियों से कांग्रेस की तल्खी का असर आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की राजनीति पर पड़ना तय है।