
Jantar Mantar Mosque Demolition Protest: देश में मस्जिदों और मदरसों पर हो रही कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने गहरी नाराजगी जाहिर की है। जंतर-मंतर पर मस्जिदों में तोड़फोड़ के खिलाफ मुस्लिम समुदाय के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोके जाने पर सपा सांसद ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हम एक आजाद देश के नागरिक हैं, लेकिन आज हालात ऐसे हो गए हैं कि खामोशी और शांति के साथ अपना विरोध दर्ज कराने या धरना प्रदर्शन करने की भी इजाजत नहीं दी जा रही है।
अपने बयान में बर्क ने साफ कर दिया कि वह इस मुद्दे पर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि, "हम इस नाइंसाफी के खिलाफ अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगे। इसके लिए चाहे हमें सड़क पर उतरना पड़े, संसद में आवाज उठानी पड़े या फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़े, हम हर मोर्चे पर मजबूती से डटे रहेंगे। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है।"
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए सपा सांसद ने इसे एक सोची समझी साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सीधे तौर पर सरकार के इशारे और आदेश पर यह सब कर रही है। बर्क ने कहा कि वह पुलिस के इस काम की खुलेआम निंदा करते हैं। जियाउर्रहमान ने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि आज पूरे देश में मस्जिद और मदरसों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
फिलहाल मस्जिदों में तोड़फोड़ के खिलाफ मुस्लिम समुदाय का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस मौके पर जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोहतसिम ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए हमला बोला है। मोहतसिम ने कहा कि देश में मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे सभी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। मोहतसिम ने आरोप लगाया कि जो सरकार हिफाजत के लिए है, वो खुद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और डीडीए की मदद से मस्जिदों को शहीद रही है।