लखनऊ

आजमगढ़-रामपुर उपचुनाव: मुलायम सिंह के साथ Yogi की प्रतिष्ठा दांव पर, अखिलेश यादव ने उतारा दमदार प्रत्याशी

उत्तर प्रदेश में इन दिनों चुनाव की बहार चल रही है। राज्यसभा चुनाव, विधान परिषद चुनाव की तारीखों के बाद अब लोकसभा उपचुनाव का ऐलान भी हो गया है। समाजवादी पार्टी ने आजमगढ़ में लोकसभा उपचुनाव के लिए डिम्पल यादव को प्रत्याशी बनाने का मन बनाया है। वहीं राज्यसभा में एसपी आरएलडी के कोटे से जयंत चौधरी को उच्च सदन में भेजने की आधिकारिक घोषणा भी कर दी है। योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में होने जा रहे उपचुनाव में योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है, क्योंकि ये चुनाव भले ही छोटे हों लेकिन इनका असर बड़ा देखने को मिलेगा। कहीं न कहीं मोदी के आगामी लोकसभा चुनाव में भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।

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May 26, 2022
dimple Yadav as Azamgarh Loksabha Candidate
dimple Yadav as Azamgarh Loksabha Candidate

आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीटों पर अभी तक सपा का दबदबा रहा है। रामपुर की लोकसभा सीट से आजम खान सांसद थे. जबकि आजमगढ़ से मुलायम सिंह यादव के बाद खुद अखिलेश यादव भी सांसद बने थे। लेकिन अब आजमखान और अखिलेश यादव के विधायक बनने के बाद से ही ये सीट खाली हैं। जिस पर अब उप चुनाव की घोषणा हो गई है। एक ओर डिम्पल यादव की आजमगढ़ से तो रामपुर सीट से आजमखान खुद अपनी पत्नी को उप चुनाव लड़ाना चाहते हैं। हालांकि इन दोनों ही सीटों पर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लोकसभा की इन दोनों ही सीटों पर 23 जून को वोटिंग होगी 26 जून को रिज़ल्ट आएगा।

आजमगढ़ में कौन लड़ेगा इसको लेकर संशय बरकरार

उप चुनाव की आधिकारिक घोषणा के दौरान आयोग ने बताया कि, उपचुनाव के लिए 30 मई को गेजेट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. नामांकन की अंतिम तिथि तारीख 6 जून रखी गई है। 9 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे. जबकि 23 जून को वोटिंग होगी. वहीं, 26 जून को वोटों की गिनती की जाएगी. फ़ाइनल रिज़ल्ट भी 26 जून को ही आएगा।

उप चुनाव से तय होगा लोकसभा में मोदी का जादू ?

इन उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी अटकलों का बाजार गर्म हो चुका है। सूत्रों की मानें तो आजमगढ़ लोकसभा सीट से अखिलेश यादव अपनी पत्नी डिंपल यादव को चुनाव मैदान में उतार सकते हैं। वही जिले के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की राय पर अखिलेश ने लोकसभा की सीट छोड़ी थी। जिसके बाद अब डिंपल यादव को मैदान में उतारकर अखिलेश डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश करेंगे। आम तौर पर इस सीट पर मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े लोगों को ही लोग देखना चाहते हैं। यही कारण है कि अखिलेश यादव बिना कोई रिस्क लिए यहाँ से डिम्पल को चुनाव ,मेमन उतारना चाहते है। ऐसे में इन उप चुनावों से आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव को देखा जा रहा है। जबकि मोदी का जादू चलेगा या कोई और अपनी बीन बजाएगा ये तो वक़्त ही बताएगा। लेकिन ये चुनाव दूसरी बार यूपी की सत्ता संभाल रहे योगी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न जरूर होंगी।

Updated on:
26 May 2022 12:30 pm
Published on:
26 May 2022 11:31 am