भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में बन रहे विश्व की सबसे उंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी बनकर तैयार है
लखनऊ. भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में बन रहे विश्व की सबसे उंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी बनकर तैयार है। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर, 2018 को करेंगे। दो दिवसीय लखनऊ दौरे पर पहुंचे गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य रुप से स्वागत किया। इस दौरान विजय रुपाणी ने योगी आदित्यनाथ को कुंभ लोगो भेंट किया और साथ ही 31 अक्टूबर को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया।
राजनीति चमकाने में लगी अपना दल
सरदार वल्लभ भाई पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा के जरिये अपना दल राजनीति चमकाने की फिराक में है। स्टैच्यू ऑफ युनिटी के प्रचार प्रसार के लिए वडोदरा से वाराणसी तक पूरी ट्रेन बुक की गई है। हर जिले में इसका प्रचार किया जाएगा। अपना दल अपने समर्थकों को वडोदरा में लेने के लिए एक पूरी ट्रेन बुक करने की योजना बना रहा है, जहां प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल 'प्रतिमा की एकता' का अनावरण किया जाएगा। इसके लिए कुर्मी-वर्चस्व पार्टी पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से अपने समर्थकों के लिए ट्रेन बुक करने के लिए रेल मंत्रालय से बात भी की थी।
इस ट्रेन को अपना दल की संयोजक अनुप्रिया पटेल वाराणसी से ध्वजांकित करेंगी। यह ट्रेन पूरी तरह से अपना दल सपोर्टर्स के लिए होगी, जो कि कुर्मी वर्चस्व वाले जिलों से जैसे कि ओरई, रायबरेली, झांसी, मिर्जापुर और इलाहाबाद से गुजरेगी। सरदार पटेल एक पाटीदार थे, जो कुर्मी के साथ पैतृक मूल और सामाजिक-ऐतिहासिक पृष्ठभूमि साझा करते थे। इस वजह से यह ट्रेन कुर्मी वर्चस्व वाले जिलों से होकर गुजरेगी।
क्या है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में खास
गुजरात के सरदार सरोवर डैम के पास बनी विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 182 मीटर लंबी है। इस प्रतिमा की लागत में 2,389 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैंं। प्रतिमा के अंदर दो लिफ्ट लगाई गई है। यह लिफ्ट स्टैच्यू में ऊपर तक ले जाएगी। वहीं सरदार पटेल के दिल के पास एक गैलरी भी बनाई गई है, जहां से सरदार पटेल बांध और वैली का नजारा देखने को मिलेगा।