सुप्रीम कोर्ट ने सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी पर चार हफ्ते की रोक लगा दी है। इसके अलावा कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी करते हुए अगले चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
यूपी के बांदा शहर की जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी (Mafia Mukhtar Ansari) के बेटे और सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके अलावा कोर्ट ने यूपी सरकार (UP Government) को इस मामले में एक नोटिस जारी किया है, जिसपर अगले चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। बता दें कि मंगलवार को ही राजधानी लखनऊ के एमपी-एमएलए कोर्ट (MP-MLA Court) के विशेष एसीजेएम अम्बरीष श्रीवास्तव (ACJM Ambrish Srivastava) की ओर से अब्बास अंसारी की संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए गए थे।
आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में सुनवाई
बता दें, विधायक अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। इस दौरान कोर्ट ने विधायक के आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले में सुनवाई की। सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी को बड़ी राहत देते हुए उसकी गिरफ्तारी पर चार हफ्ते की रोक लगा दी है। इसके अलावा कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी करते हुए अगले चार हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है। गौरतलब है कि अब्बास अंसारी पिछले कई दिनों से फरार है। उसकी गिरफ्तारी को लेकर यूपी, पंजाब और दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी भी की गई। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।
अब्बास अंसारी पर लगा था ये आरोप
बता दें कि विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ 12 अक्टूबर, साल 2019 में लखनऊ के महानगर थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि अब्बास अंसारी ने 2012 में डीबीडीएल गन का लाइसेंस लिया था। जिसके बाद उसने अपना शस्त्र लाइसेंस दिल्ली के पते पर स्थानांतरित करवा लिया। इस बीच पुलिस का आरोप था कि अब्बास अंसारी ने खुद को विख्यात निशानेबाज दिखाकर दिल्ली वाले पते के शस्त्र लाइसेंस पर कई असलहे खरीद लिए। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि अब्बास अंसारी ने बिना राजधानी पुलिस को जानकारी दिए और अनुमति लिए धोखाधड़ी के जरिए लाइसेंस को दिल्ली स्थानांतरित करा लिया था।
लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया
इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद से ही कोर्ट ने 25 अगस्त को अब्बास अंसारी को भगोड़ा घोषित किया था। पिछले दिनों अब्बास के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया। उसकी तलाश में आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों का लगाया गया था। लखनऊ पुलिस की टीमों ने एक साथ राजधानी के दारुलशफा और कई अन्य जिलों में दबिश दी लेकिन पुलिस को अभी तक अब्बास के बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी है। उसकी तलाश के लिए मऊ और गाजीपुर जनपद में भी पुलिसकर्मियों को दबिश के लिए भेजा गया था।