
Uttar Pradesh News:लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने ओम प्रकाश राजभर, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, गुजरात के UCC बिल, मायावती-आकाश आनंद और उत्तर प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर प्रतिक्रिया दी। राजभर के बयान पर उन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी का बचाव करते हुए पलटवार किया। वहीं गुजरात में UCC को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर बीजेपी से सवाल किए। आराधना मिश्रा ‘मोना’ को यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्होंने बधाई दी और संगठन को मजबूत करने की उम्मीद जताई।
ओम प्रकाश राजभर के अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर दिए गए बयान को लेकर सुरेंद्र राजपूत ने उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो नेता अपने विधायकों को साथ नहीं रख सकता, उसे दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने संगठन को देखना चाहिए। सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि ओपी राजभर, जो अपने विधायकों को साथ नहीं रख सकते, बड़े-बड़े दावे करते हैं और अखिलेश यादव तथा राहुल गांधी जी पर तंज कसते हैं।
ऐसे बेकार और अयोग्य व्यक्ति के बारे में क्या कहा जा सकता है, जो अपने दो विधायकों को नहीं रोक सकते, अपने बच्चे को समाजवादी पार्टी में जाने से नहीं रोक सकते और अपने विधायकों को समाजवादी पार्टी में जाने से नहीं रोक सकते? राजभर जी, नेतृत्व और पार्टी का अध्यक्ष पद खड़े होकर और त्याग करने से मिलता है, झुकने से नहीं।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर भी सुरेंद्र राजपूत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने संघ, बीजेपी, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को लेकर आरोप लगाए। राजपूत ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम के बीच दूरी पैदा करने से देश कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने बिल्कुल सही कहा, संघ की वजह से धर्म और राष्ट्र दोनों संकट में हैं। बीजेपी की वजह से दोनों संकट में हैं, विश्व हिंदू परिषद की वजह से दोनों संकट में हैं, बजरंग दल और आपके सभी संगठनों की वजह से धर्म और राष्ट्र दोनों संकट में हैं। क्यों? क्योंकि आप हिंदुओं को मुसलमानों के खिलाफ खड़ा करके और सांप्रदायिकता का जहर बोकर देश को कमजोर कर रहे हैं।
आकाश आनंद और मायावती से जुड़े मामले पर सुरेंद्र राजपूत ने इसे म्यूजिकल चेयर का खेल बताया। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी और बहुजन आंदोलन को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद और मायावती जी का मामला म्यूजिकल चेयर के खेल जैसा है। उस म्यूजिकल चेयर में तीन कुर्सियां और चार सदस्य हैं। वह एक व्यक्ति को हटाकर दूसरे को बैठाती हैं। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी को बर्बाद कर दिया है। बहुजन आंदोलन पहले ही उनसे दूर हो चुका है।
उन्होंने बहुजन आंदोलन को बीजेपी को बेचने की कोशिश की। अब बहुजन आंदोलन देश में राहुल गांधी के नेतृत्व में और उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में इंडी गठबंधन के साथ अपना रास्ता तय कर चुका है। हालांकि, बहुजन समाज पार्टी का इस तरह पतन देखना दुखद है।