लखनऊ

‘EVM से चुनाव होना बड़े शर्म की बात’, EC और केंद्र सरकार पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने साधा निशाना, बोले- बड़े प्रदर्शन का भी नहीं हो रहा असर

Swami Prasad Maurya: अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने ईवीएम और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। साथ ही केंद्र सरकार पर भी तीखा हमला बोला है। जानिए मौर्य ने क्या कुछ कहा...
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Updated: 27 Oct 2026, 3:35 PM IST
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स्वामी प्रसाद मौर्य। फोटो-फेसबुक- Swami Prasad Maurya

Swami Prasad Maurya Statement: अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। मौर्य ने कहा कि चुनाव आयोग से निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जाती है। अगर ईवीएम के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं, तो यह चिंता का विषय है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर भी लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का बड़ा आरोप लगाया है।

'जनता ने शासन का जनादेश दिया है'

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना बेहद जरूरी है। हमारा मानना ​​है कि देश में लोकतंत्र का हमेशा सम्मान होना चाहिए। उन्होंने सत्ताधारी दल को नसीहत देते हुए कहा कि, "केंद्र सरकार को यह बात बिल्कुल भी नहीं भूलनी चाहिए कि देश की आम जनता ने ही उसे शासन करने का जनादेश सौंपा है। इसलिए केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोकतांत्रिक-व्यवस्था और जनता के अधिकारों की रक्षा करे।"

EVM के दुरुपयोग पर जताई चिंता

स्वामी प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि EVM के दुरुपयोग को लेकर अतीत में बार-बार चर्चा हुई है और यह चर्चा आज भी जारी है। चुनाव आयोग को हमेशा चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के सवालों के बीच चुनाव EVM से हो रहे हैं तो यह बड़े शर्म की बात है। मौर्य ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के काम करने के तरीके पर जिस तरह से सवाल उठे हैं उसने व्यवस्था पर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

लोकतंत्र को कुचलने का लगाया आरोप

केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी को निभाना बहुत जरूरी है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर आज लोकतंत्र को ही कुचला जा रहा है तो इस बात से कोई खास फर्क नहीं पड़ता कि विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन कितना भी बड़ा क्यों न हो।

दिल्ली में होगी इंडिया ब्लॉक की रैली

दरअसल इंडिया ब्लॉक 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित करने जा रहा है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ यह कार्यक्रम तय किया है। इस रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी जोर-शोर से उठाई जाएगी। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई जगहों पर वोटरों के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत तमाम सहयोगी दल इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।