लखनऊ

यूपी में मरीजों को घर बैठे मिलेगी इलाज की सुविधा, अगले वर्ष शुरू होगी योजना

राजधानी लखनऊ से सटे दो गांव में प्रयोग के तौर पर टेलीमेडिसिन विधि का उपयोग शुरू होगा।

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Oct 28, 2017

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष से टेलीमेडिसिन विधि से मरीजों के इलाज की शुरुआत की तैयारी है। राजधानी लखनऊ से सटे दो गांव में प्रयोग के तौर पर टेलीमेडिसिन विधि का उपयोग शुरू होगा। लखनऊ की किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ने इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी है।किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी इन गांव में टेलीमेडिसिन सोसाइटी ऑफ इण्डिया और लखनऊ की एसजीपीजीआई के सहयोग से टेलीमेडिसिन सेवाओं की प्रायोगिक तौर पर शुरुआत करेगा।

रोडमैप को लेकर हुई बैठक

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इन गांव में टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत को लेकर शनिवार को टेलीमेडीसिन सोसाईटी ऑफ इंडिया यूपी चैप्टर की बैठक का आयोजन केजीएमयू के कुलपति प्रोफेसर मदनलाल ब्रह्म भट्ट की अघ्यक्षता सम्पन्न हुई। बैठक में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, एसजीपीजीआई और टीएसआई के पदाधिकारियों द्वारा भाग लिया गया। बैठक में टेलीमेडिसिन की सुविधा को आईडिया ऑफ एक्सचैंज से बढ़ाकर प्रिवेंटिव मेडिसिन की तरफ ले जाने के लिए रोडमैप तैयार करने पर चर्चा हुई।

लखनऊ के दो गांव से होगी शुरुआत

बैठक में तय किया गया कि लखनऊ के आस-पास किसी दो गावों को चिन्हित कर वहां के लोगों को टेलीमेडिसिन द्वारा उस क्षेत्र में होने वाली बीमारियों के बचाव से सम्बंधित जानकारी दी जायेगी। इसके अलावा भविष्य में इस अध्ययन से सम्भव ऊपचार भी प्रदान किया जायेगा। यह उपचार चयनित बीमारियों के लिए ही उपलब्ध होगा, जिसमें गरीब रोगिया के अवागमन मे होने वाले खर्च को बचाया जा सके। केजीएमयू पहले चरण में इन दोनों गांव के निवासियों को चिकित्सा विश्वविद्यालय में की जाने वाली जांचे निःशुल्क उपलब्ध कराएगा। यह प्रक्रिया को किस प्रकार चरणबद्ध रूप में लागू किया जाएगा, इसके लेकर टेलीमेडिसिन की एक कार्यशाला का आयोजन जनवरी माह मे किया जाना प्रस्तावित है।

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Published on:
28 Oct 2017 08:42 pm
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