
holika dahan हर त्यौहार हमें क्रियाशीलता और जागरूकता का संदेश देता है। कुछ ही दिनों में होली आने वाली है। रंगों के त्यौहार से हमें काफी कुछ सीखने को मिलता है। होली हमें सबसे बड़ा यह संदेश देती है कि नकारात्मक विचारों और वस्तुओं का दहन करके ही भीतरी और बाहरी पवित्रता की स्थापना की जा सकती है और तभी उल्लास के रंग हर तरफ बिखेरे जा सकते हैं। होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन होलाष्टक के आध दिन बाद शुरू होता है। इस बार 10 मार्च को होलाष्टक प्रारंभ हो चुका है और होलिका दहन 17 मार्च को मनाई जाएगी। माना जाता है कि यह वह समय होता है जब वास्तु दोष हटाने सहित कुछ अन्य उपायों के लिए दान का बड़ा महत्व होता है। इस दिन किए गए उपाय भी बहुत ही शुभ फल देते हैं।
होलिका में चढ़ाएं ये चीजें
नारियल- नारियल को फल के रूप में अर्पण करते हैं। इसे होलिका दहन में चढ़ाने के बाद परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद के रूप में बांट दिया जाता है।
बड़कुले की माला- होलिका दहन के लिए गाय के गोबर से बड़कुले तैयार किए जाते हैं। महिलाएं गोबर से अलग प्रकार के बड़कुले तैयार करती हैं। बाद में इन्हें धूप में सुखाया जाता है। होलिका दहन वाले दिन इन बड़कुलों की माला तैयार की जाती है। पूजन के दौरान इसे होलिका को समर्पित किया जाता है।
होलिका में करें ये काम
पंडित संतोष कुमार बताते हैं कि होलिका दहन की रात सरसों के तेल का चौमुखी दीपक घर के मुख्य द्वार पर लगाना चाहिए। इससे सुख समृद्धि आती है और घर हर बाधाओं से दूर रहता है। घर की सुख समृद्धि के लिए परिवार के प्रत्येक सदस्य को होलिका दहन में भी भिगोई हुई दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता चढ़ाएं, साथ ही 11 परिक्रमा होलिका की करते हुए सूखे नारियल का आहुति देनी चाहिए। अगर व्यापार या नौकरी में उन्नति नहीं हो रही, तो 21 गोमती चक्र लेकर होलिका दहन की रात में शिवलिंग पर चढ़ा लें। इसी तरह धन लाभ के लिए घर के मुख्य द्वार पर गुलाल लगाकर उस पर दोमुखी दीपक जलाना चाहिए। दीपक बुझने पर उसे होली की अग्नि में डाल दें।