प्रदेश सरकार जल्द ही तीन हजार ग्राम पंचायत सचिवों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। आयोग जल्द ही इन रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया के लिए विज्ञापन जारी करेगा।
उत्तर प्रदेश के गांवों में सरकार भी चाक-चौबंद होगी। प्रदेश सरकार ने यहां तीन हजार ग्राम पंचायत सचिवों की भर्ती करने का फैसला लिया है। जिसके लिए जल्द ही खाली पड़े इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्य के पंचायती राज विभाग की ओर से इस संबंध में राज्य अधीनस्थ चयन आयोग को पन्द्रह-पंद्रह सौ रिक्त पदों पर भर्ती के लिए मांग पत्र भेजा गया है। इस बात की जानकारी पंचायतीराज निदेशक अनुज झा ने दी है। उन्होंने इस बात की उम्मीद जताई है कि आयोग जल्द ही इन रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया के लिए विज्ञापन जारी करेगा।
प्रदेश में 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें
पंचायतीराज निदेशक अनुज झा ने आगे बताया कि प्रदेश में पंचायत सचिव के कुल 8100 पद हैं। इनमें से तीन हजार पद काफी लम्बे समय से खाली रिक्त रहे हैं। यदि ग्रामीण विकास अधिकारियों को भी इसमें शामिल कर लिया जाए तो पंचायत सचिव का कार्य संभालने वाले ऐसे अधिकारियों की कुल संख्या लगभग 17 हजार तक पहुंचती है, जबकि प्रदेश में 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें हैं। इस तरह से इन तीन हजार रिक्त पदों पर भर्ती के बावजूद एक-एक पंचायत सचिव पर चार से पांच ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी रहेगी।
प्राचार्य और शिक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती जल्द
पंचायतीराज निदेशक के अनुसार पंचायत सचिव का काम क्लस्टर पर होता है और स्वाभाविक है कि एक पंचायत सचिव को कई ग्राम पंचायतों का काम देखना पड़ता है। इसी तरह निःशक्तजन अधिकारिता विभाग जल्द ही प्राचार्य और शिक्षक के 300 रिक्त पदों पर भर्ती करेगा। विभाग के मंत्री नरेंद्र कश्यप के अनुसार यह भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा की जाएगी।