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‘ब्राह्मणों से अच्छी वेश्याएं…’ सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के बयान से मचा बवाल, अलंकार अग्निहोत्री को उठा ले गई पुलिस

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई विवादित टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूपी की राजनीति गरमा गई।
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लखनऊ

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Anuj Singh

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Updated: 13 May 2026, 6:40 AM IST

सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी की मुश्किलें बढ़ीं

सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी की मुश्किलें बढ़ीं Source- @rajkumarbhatisp

UP Politics: समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। 5 मई को दिल्ली में एक कार्यक्रम में उन्होंने एक पुराना मुहावरा सुनाया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमें भला न कोय। और कोई-कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला न कोय। इसका मतलब था कि ब्राह्मण वेश्याओं से भी बदतर हैं। सोशल मीडिया पर हंगामा यह वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद बड़े स्तर पर नाराजगी फैल गई। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का असली चरित्र सामने आ गया है। ब्राह्मण समाज का अपमान करना उनकी घृणित सोच को दिखाता है।

अलंकार अग्निहोत्री का प्रदर्शन

निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने इस बयान के खिलाफ सपा मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। अपने साथियों के साथ वे धरने पर बैठ गए। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मांग की कि राजकुमार भाटी को तुरंत पार्टी से निकाल दिया जाए। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि सिर्फ माफी मांग लेने से काम नहीं चलेगा। जब तक सपा कार्रवाई नहीं करती, उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। पुलिस मौके पर पहुंची और अलंकार अग्निहोत्री को घसीटकर जीप में बैठाकर ले गई। बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री पहले बरेली के नगर मजिस्ट्रेट थे। उन्होंने शंकराचार्य विवाद और यूजीसी गाइडलाइंस के विरोध में जनवरी 2026 में इस्तीफा दे दिया था।

भाटी ने मांगी माफी

चौतरफा आलोचना के बाद राजकुमार भाटी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा कि उनके पूरे 12 मिनट के भाषण में से सिर्फ 7 सेकंड की क्लिप काटकर गलत प्रचार किया जा रहा है। अगर ब्राह्मण भाइयों के दिल को ठेस पहुंची है तो वे माफी मांगते हैं।

भाटी का बचाव और पूरा संदर्भ

भाटी ने बताया कि कार्यक्रम दिल्ली के जवाहर भवन में डॉ. रफरफ शकील अंसारी और जावेद अनवर की किताब “जाति और साम्प्रदायिकता के विषाणु” के लोकार्पण पर हुआ था। भाषण में उन्होंने कहा कि समाज में जातियों को लेकर कई गंदे मुहावरे और कहावतें प्रचलित हैं। ये दोनों तरफ से होती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ लोग उन्हें गुर्जर-अहीर वाला दोहा सुनाते थे। एक अन्य व्यक्ति ने उन्हें ब्राह्मण-वेश्या वाला दोहा बताया। भाटी का कहना है कि उन्होंने यह दोहा कभी नहीं सुनाया क्योंकि यह बहुत खराब है। उन्होंने साफ कहा कि ब्राह्मण भी बहुत अच्छे होते हैं। लेकिन कुछ लोग क्लिप काटकर उन पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने अपील की कि लोग पूरा भाषण सुनकर फैसला करें।