Tourism 2024: उत्तर प्रदेश के बरेली में पर्यटन विभाग द्वारा नाथ नगरी के मंदिर समूहों में श्रद्धालुओं के लिए 75 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी सुविधाएं और विकास कार्य किए जाएंगे। इसमें मल्टीपर्पज हॉल, पेयजल सुविधा, फसाड लाइटिंग, और अन्य आधुनिक सुविधाओं का निर्माण शामिल है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बरेली में नाथ नगरी के नाम से विख्यात मंदिर समूहों में 75 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों में मल्टीपर्पज हॉल, पेयजल सुविधा, बेंचेज, फसाड लाइटिंग, शौचालय, कांवड़ आश्रय स्थलों पर विश्रामालय, साइनेज, और होर्डिंग जैसे विकास कार्य शामिल होंगे।
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मढ़ीनाथ, तपेश्वर नाथ, पशुपति नाथ, अलखनाथ, धोपेश्वर नाथ, त्रिवटी नाथ, वनखंडी नाथ मंदिर और तुलसी मठ के परिसर में इन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इन प्रयासों का उद्देश्य यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक अद्वितीय और आरामदायक अनुभव प्रदान करना है।
उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य पर्यटन के क्षेत्र में अत्याधुनिक अवस्थापना सुविधाएं सृजित कर पर्यटकों को आकर्षित करना है। बीते वर्ष, राज्य में 48 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने विभिन्न धार्मिक-आध्यात्मिक और ईको स्थलों का भ्रमण किया। राज्य में कनेक्टिविटी और बेहतर कानून व्यवस्था की वजह से घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।
बरेली नाथ नगरी के नाम से जानी जाती है, जहां चारों दिशाओं में भगवान शिव के मंदिर स्थित हैं। मान्यता है कि इन मंदिरों के शिवलिंग स्वयंभू प्रकट हुए हैं, और यहां सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं।