लाखों युवतियों के फोन की जैसी ही घंटी बजती है, उनके चेहरे पर खौफ के बादल मंडराने लगते हैं
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की लाखों युवतियों के फोन की जैसी ही घंटी बजती है, उनके चेहरे पर खौफ के बादल मंडराने लगते हैं। दूर-दराज बैठे बेखौफ अपराधियों द्वारा उन्हें धमकाया जा रहा है। दोस्ती के पैगाम को स्वीकार नहीं करने पर उन्हें डराया जा रहा है। इतना ही नहीं, उन पर एसिड अटैक करने की भी धमकी दी जा रही है। ज्यादातर मामलों में पुलिस से शिकायत करना तो दूर बेटियां अपने घर में भी नहीं बताने से हिचकती हैं। वीमेन पावर हेल्पलाइन (1090) में सबसे ज्यादा साइबर बुलिंग की शिकायतें दर्ज हुई हैं। इस वर्ष (2018) में दो लाख से अधिक महिलाओं ने हेल्पलाइन में साइबर बुलिंग के केस दर्ज कराये हैं।
वीमेन पावर हेल्पलाइन के आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ सबसे ज्यादा 20-25 साल की युवतियां साइबर बुलिंग का शिकार हो रही हैं। इस उम्र की 42 फीसदी लड़कियां सोशल साइट्स पर छेड़खानी का शिकार हो रही हैं। 15-20 साल की युवतियां 24 फीसदी, 25-30 वर्ष की युवतियां 18 फीसदी, 30-40 साल की युवतियां 11 फीसदी, 40-50 साल की महिलाएं तीन प्रतिशत, 50 साल से अधिक उम्र की महिलाएं व 15 वर्ष से कम एक प्रतिशत किशोरियां छेड़खानी का शिकार हो रही हैं।
अब शिकायत को आगे आ रहीं युवतियां : एडीजी वीमेन पावर हेल्पलाइन
वीमेन पावर हेल्पलाइन की एडीजी अंजू गुप्ता का कहना है कि राजधानी लखनऊ की युवतियां जागरूक हुई हैं, जो आगे आकर शिकायत दर्ज करा रही हैं। हम उनकी शिकायतों पर संज्ञान लेकर मामले दर्ज कर रहे हैं। आने वाले समय में वीमेन पावर हेल्पलाइन को टेक्निकली और भी बेहतर किया जाएगा, ताकि कम समय से ज्यादा मामलों को निपटाया जा सके।