
Uttar Pradesh Assembly Session:उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर ने सांसद पप्पू यादव पर हुए हमले, सीजेपी (CJP) प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई कार्रवाई और छात्राओं पर कथित लाठीचार्ज को लेकर सरकार से सवाल पूछे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भी सदन में कई अहम मुद्दे उठाने की बात कही।
लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए सपा विधायक रागिनी सोनकर ने कहा कि सांसद पप्पू यादव पर हुआ हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं था, बल्कि उन सभी लोगों पर हमला था जो सरकार की नीतियों और उसकी कमियों पर सवाल उठाते हैं।उन्होंने कहा कि सीजेपी प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं पर हुई कार्रवाई किसी से छिपी नहीं है। रागिनी सोनकर का आरोप है कि प्रदर्शन में शामिल अधिकांश लोग छात्राएं थीं और सरकार को पहले उनके सवालों का जवाब देना चाहिए।
रागिनी सोनकर ने कहा कि अगर सरकार के पास छात्रों के सवालों का जवाब नहीं है, तो उसे बल प्रयोग करके उनकी आवाज दबाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बच रही है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि विपक्ष इन सभी मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाएगा। उन्होंने कहा कि हाल की कुछ घटनाओं से सनातन समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं और यह गंभीर विषय है।
माता प्रसाद पांडेय ने विधानसभा की परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जब किसी मौजूदा विधायक का निधन होता था तो सदन में शोक प्रस्ताव लाकर श्रद्धांजलि दी जाती थी। उनका आरोप है कि इस बार उस परंपरा का पालन नहीं किया गया, जिसे विपक्ष सदन में मुद्दा बनाएगा।
विधानसभा सत्र के पहले दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह कानून-व्यवस्था, छात्रों से जुड़े मुद्दों और सदन की परंपराओं समेत कई विषयों पर सरकार से जवाब मांगेगा। वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब दिया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।