लखनऊ

यूपी भाजपा ने घोषित किए 5 नए जिलाध्यक्ष, बैठाया सटीक जातीय समीकरण

UP BJP District Presidents List : यूपी भाजपा ने 5 नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी कर सटीक जातीय समीकरण साधा; संगठन चुनाव से पहले सभी 98 संगठनात्मक जिलों में नियुक्तियां पूरी कर चुनावी तैयारी का दिया संदेश।
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May 28, 2026
UP BJP
भाजपा ने जारी की 5 जिला अध्यक्षों की सूची, PC- Patrika

लखनऊ :भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उत्तर प्रदेश ने गुरुवार शाम जिलाध्यक्षों की चौथी सूची जारी कर दी। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में जारी इस सूची में 5 जिलों के नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई है। इसके साथ ही पार्टी ने सभी 98 संगठनात्मक जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पूरी कर ली है, जिससे संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सके।

जानें कहां-कहां हुई नियुक्ति

  • देवरिया : भूपेंद्र सिंह को हटाकर काली प्रसाद (कालीचरण प्रसाद) को जिलाध्यक्ष बनाया गया। काली प्रसाद सलेमपुर (सुरक्षित) सीट से पूर्व विधायक हैं। उनका टिकट काटकर सपा से भाजपा में आई विजय लक्ष्मी गौतम को प्रत्याशी बनाया गया था। भूपेंद्र सिंह के खिलाफ स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में काफी नाराजगी थी।
  • अंबेडकर नगर : त्र्यंबक तिवारी को हटाकर दिलीप देव पटेल को जिलाध्यक्ष बनाया गया।
  • वाराणसी : राम सकल पटेल को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। पीएम मोदी यहां से सांसद हैं, वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है।
  • गोरखपुर महानगर: रमेश प्रसाद गुप्ता को जिलाध्यक्ष बनाया गया। गोरखपुर को सीएम योगी आदित्यनाथ का गढ़ माना जाता है।
  • चंदौली : महेंद्रनाथ पांडेय के गृह जिले में उनके प्रतिद्वंद्वी काशीनाथ सिंह को एक बार फिर जिलाध्यक्ष बनाया गया।

जातीय समीकरण: नवनियुक्त जिलाध्यक्षों में एक ठाकुर, दो कुर्मी (दिलीप देव पटेल और राम सकल पटेल), एक वैश्य और एक अनुसूचित जाति से हैं। सूची में पंकज चौधरी (खुद कुर्मी) का प्रभाव साफ दिखा, जिसमें कुर्मी समुदाय को दो महत्वपूर्ण जिलों में जगह दी गई।

भाजपा कार्यकारिणी की काम करने की शैली

भाजपा की संगठनात्मक शैली अत्यंत अनुशासित, पदानुक्रमित और समावेशी मानी जाती है। पार्टी हाईकमान (केंद्रीय नेतृत्व), प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री (संगठन) और स्थानीय फीडबैक के आधार पर फैसले लेता है। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में न सिर्फ वफादारी, बल्कि कार्यकर्ताओं की नाराजगी, जातीय-सामाजिक समीकरण, क्षेत्रीय प्रभाव और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखा जाता है।

पार्टी विरोधी आवाजों को भी समाहित करने और आंतरिक लोकतंत्र का प्रदर्शन करते हुए फैसले लेती है, लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान का होता है। यह प्रक्रिया बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक मजबूत संगठन खड़ा करने में मदद करती है। इस बार भी संगठन चुनाव से पहले सभी जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पूरी कर पार्टी ने एकजुटता और तैयारी का संदेश दिया है।

Updated on:
28 May 2026 08:09 pm
Published on:
28 May 2026 08:08 pm