UP Budget 2026 Live Updates in hindi : उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 में समाज कल्याण विभाग को बड़ी मजबूती मिली है। राज्य मंत्री असीम अरुण ने बढ़े हुए बजटीय प्रावधानों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। पेंशन, छात्रवृत्ति, विवाह सहायता और जनजातीय विकास योजनाओं से लाखों जरूरतमंदों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
UP Budget 2026 Hindi LIVE Updates : उत्तर प्रदेश सरकार के बजट वर्ष 2026-27 में समाज कल्याण और जनजातीय विकास को विशेष प्राथमिकता दिए जाने पर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, सशक्तिकरण और सम्मान की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी कदम है, जो समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने वाला सिद्ध होगा। असीम अरुण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं घोषित करना नहीं, बल्कि उनका प्रभाव जमीन तक पहुंचाना है। इस बजट में किए गए प्रावधान उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
बजट में समाज कल्याण विभाग के लिए ₹14,953 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि सरकार सामाजिक सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना चाहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी और अधिक लाभार्थियों तक सहायता पहुँचेगी।
वृद्धावस्था और किसान पेंशन योजना के अंतर्गत 67.50 लाख लाभार्थियों को अब ₹1000 प्रतिमाह की सहायता मिलेगी। इसके लिए बजट में ₹8,950 करोड़ की व्यवस्था की गई है। असीम अरुण के अनुसार, यह निर्णय बुजुर्गों और सीमित आय वाले परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा। महंगाई और बढ़ती जीवन लागत के बीच यह राशि उनके दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण सहारा बनेगी।
गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता देने वाली मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अनुदान राशि को ₹51,000 से बढ़ाकर ₹1.01 लाख कर दिया गया है। यह निर्णय सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह के बोझ को कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग की निर्धन पुत्रियों के विवाह के लिए भी अलग से बजटीय प्रावधान किया गया है। इससे उन परिवारों को सहायता मिलेगी जो आर्थिक तंगी के कारण बेटियों के विवाह में कठिनाइयों का सामना करते हैं।
शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा साधन मानते हुए पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण धनराशि का प्रावधान किया गया है। इससे अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलेगी। असीम अरुण ने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन की असली कुंजी है, और यह बजट विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम है।
बजट में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत जनजातीय समुदायों के समग्र विकास पर विशेष बल दिया गया है। इसके साथ ही ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के माध्यम से 63,000 से अधिक जनजातीय ग्रामों को लाभ पहुंचाने की योजना है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करना है।
असीम अरुण ने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सम्मान और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा है। पेंशन, विवाह सहायता, छात्रवृत्ति और जनजातीय विकास जैसे प्रावधान सामाजिक सुरक्षा के व्यापक ढांचे को मजबूत करेंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” को धरातल पर उतारना है। समाज कल्याण योजनाओं के माध्यम से सरकार उन वर्गों तक पहुँच रही है जो लंबे समय से मुख्यधारा से दूर रहे हैं।