
UP Bureaucracy Shake-Up: उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में वर्ष 2026 एक बड़े परिवर्तन का साल साबित होने जा रहा है। पूरे वर्ष में 34 वरिष्ठ IAS अधिकारी सेवानिवृत्ति की आयु सीमा पूरी करेंगे, जिसके चलते शासन के महत्वपूर्ण पदों पर व्यापक फेरबदल की स्थिति बनेगी। यह सूची मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह, वित्त, राजस्व, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, शिक्षा समेत लगभग हर प्रमुख विभाग को प्रभावित करने वाली है। यूपी में प्रशासनिक सेवाओं की निरंतरता और अनुभव को देखते हुए यह रिटायरमेंट कैलेंडर सरकार और कार्मिक विभाग दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2024 और 2025 में पहले ही दर्जनों बैचों के वरिष्ठ IAS अधिकारी रिटायर हो चुके हैं, और अब 2026 में होने वाले ये रिटायरमेंट मिलकर नेतृत्व परिवर्तन का एक नया दौर खोल देंगे। शासन के रणनीतिक फैसलों, जिला प्रशासन, नीति क्रियान्वयन और दीर्घकालिक परियोजनाओं पर इन रिटायरमेंट्स का गहरा प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।
जनवरी में सबसे अधिक चर्चित सेवा निवृत्तियां देखने को मिलेंगी, जिनमें प्रशासनिक सेवा के कई अनुभवी अधिकारी शामिल हैं।
ये अधिकारी कई विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इनके जाने से निश्चय ही कई विभागों को नए नेतृत्व की आवश्यकता पड़ेगी।
फ़रवरी में भी यूपी प्रशासन अपनी अनुभवी टीम का एक अहम हिस्सा खो देगा।
इनमें से कई अधिकारी केंद्र और राज्य की प्रमुख परियोजनाओं में अपनी भूमिका के लिए जाने जाते रहे हैं।
गर्मी के इस महीने में प्रशासनिक ढांचा फिर बड़ा बदलाव देखेगा।
जून में होने वाली यह सेवानिवृत्ति राज्य के कई विभागों में नए अधिकारियों की पोस्टिंग की राह खोलेगी।
जुलाई में सेवानिवृत्ति वाले दोनों अधिकारी कई जिलों के जिलाधिकारी और महत्वपूर्ण विभागों में सचिव पद पर काम कर चुके हैं।
• IAS रविंद्र कुमार प्रथम
• IAS कृष्ण कुमार गुप्ता
• IAS डॉक्टर वेदपति मिश्रा
अगस्त परंपरागत रूप से प्रशासनिक फेरबदल का महीना माना जाता है और इन सेवानिवृत्तियों के साथ बड़े स्तर पर पुनर्संयोजन संभव है।
अर्चना अग्रवाल महिला नेतृत्व का एक बड़ा स्तंभ रही हैं और अतुल सिंह कानून-व्यवस्था तथा विकास से जुड़े विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
अक्टूबर में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने यूपी की नीतिगत संरचना को वर्षों तक दिशा दी है।
कामरान रिजवी अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाले अधिकारी माने जाते हैं। इसी तरह दीपक कुमार और राजेश कुमार कई हाई-प्रोफाइल पदों पर रहे हैं।
रेणु तिवारी भी प्रदेश में महिला प्रशासनिक नेतृत्व का एक बड़ा नाम हैं।
वर्ष समाप्त होने से पहले 4 और वरिष्ठ IAS अधिकारी प्रशासन से विदा होंगे-
इन सभी के पास जिले, मंडल और शासन के प्रमुख पदों का लंबा अनुभव है।