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UP Panchayat Chunav 2026: चार रंगों वाले बैलेट पेपर से होगी वोटिंग, प्रशासन ने तेज की तैयारियां

UP पंचायत चुनाव 2026 के लिए प्रशासन ने मतपत्र छपाई और वितरण की तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश में 58 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायत और लाखों सदस्य चुने जाएंगे।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Mar 12, 2026

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में 4 रंगों के मतपत्र!

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में 4 रंगों के मतपत्र! Source- Patrika

UP Panchayat Chunav 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। इन चुनावों के होने को लेकर भी काफी संशय बना हुआ है। फिर भी प्रशासन की तरफ से तैयारियां पूरी तेजी से चल रही हैं। मतपत्र छपाई का काम जोर-शोर से जारी है और ये मतपत्र अलग-अलग जिलों में पहुंचाए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक कुल चार अलग-अलग रंगों के मतपत्र छापे गए हैं। इन रंगों की मदद से मतदान कर्मियों को आसानी होगी और गलती होने की संभावना कम हो जाएगी।

मतपत्रों के रंग और उनके पद

इस बार के चुनाव में अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग रंग के मतपत्र इस्तेमाल किए जाएंगे। इससे मतदाताओं और कर्मचारियों दोनों का काम आसान हो जाएगा। रंगों का बंटवारा इस प्रकार है:-

  • ग्राम प्रधान के लिए सफेद रंग का मतपत्र होगा।
  • ग्राम पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है।
  • क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) के लिए नीला रंग का मतपत्र इस्तेमाल होगा।
  • जिला पंचायत सदस्य के लिए पीला रंग का मतपत्र होगा।

इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को सरल बनाना है। मतदान के समय वोटर बिना किसी कन्फ्यूजन के चारों पदों पर वोट डाल सकेंगे। काउंटिंग के दौरान भी अलग-अलग रंगों के कारण मतपत्रों को अलग-अलग छांटना आसान रहेगा। इससे गलतियां बहुत कम होंगी।

प्रदेश में कितनी पंचायतें और कितने सदस्य चुने जाएंगे?

उत्तर प्रदेश में कुल 58 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं। इन चुनावों में बहुत बड़ी संख्या में लोग चुने जाएंगे। जानकारी के अनुसार, लगभग 8 लाख ग्राम पंचायत सदस्य चुने जाएंगे। 75 हजार से अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) चुने जाएंगे। करीब 3 हजार जिला पंचायत सदस्य भी चुने जाएंगे। ये आंकड़े दिखाते हैं कि पंचायत चुनाव कितने बड़े पैमाने पर होते हैं और इनमें लाखों लोग हिस्सा लेते हैं।

चुनाव टलने की संभावना मजबूत

पंचायत चुनावों में आरक्षण का फैसला बहुत महत्वपूर्ण होता है। लेकिन अभी तक पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन नहीं हुआ है। इसी वजह से आरक्षण की सूची तैयार नहीं हो पा रही है। सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा देकर आयोग बनाने का वादा किया था, लेकिन अब तक इसकी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। ऐसे में चुनाव टलने की पूरी संभावना दिख रही है। पिछले चुनाव के आधार पर वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल जल्द खत्म होने वाला है:-

  • ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त होगा।
  • जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को पूरा होगा।
  • क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को खत्म होगा।

अगर आयोग का गठन जल्द नहीं होता है, तो चुनाव समय पर नहीं हो पाएंगे। ऐसे में पुराने सदस्य कुछ समय तक अतिरिक्त कार्य करते रह सकते हैं। कुल मिलाकर, प्रशासन तैयारियों में जुटा है, लेकिन आयोग की देरी से चुनाव पर ग्रहण लगा हुआ है। वहीं 15 अप्रैल को मतदाता सूची का प्रकाशन होने वाला है।