
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के शराब (Liquor) विक्रेताओं के लिए राहत भरी खबर है। मंगलवार को योगी कैबिनेट (Yogi Cabinet) की बैठक में देसी, अंग्रेजी और बीयर (Beer) के फुटकर लाइसेंसी विक्रेताओं के मासिक कोटा उठाने की अनिवार्यता में ढील देने के साथ ही माल की निकासी की अनिवार्यता में भी छूट दी गयी है। मई माह में शराब व बीयर की फुटकर बिक्री में आई भारी गिरावट को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब इन दुकानदारों ने बीते माह जितनी बिक्री की होगी, उसी को वास्तविक कोटा (Retailers Quota) माना जाएगा।
प्रमुख सचिव आबकारी संजय आर. भूसरेड्डी ने जानकारी देते हुए बताया कि लॉकडाउन के कारण कंटेनमेंट जोन में होने की वजह से देसी व अंग्रेजी शराब और बीयर की फुटकर दुकानों पर बिक्री प्रभावित हुई है। इस कारण उन्हें मई महीने का निर्धारित न्यूनतम गांरटी कोटा उठाने की अनिवार्यता में छूट प्रदान की गयी है। साथ ही माल की निकासी की अनिवार्यता में भी छूट दी गयी है।
शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने उठाई यह मांग
योगी कैबिनेट के फैसले का फुटकर शराब व बीयर विक्रेताओं ने स्वागत किया है। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैया लाल मौर्य ने कहा, यह अच्छा फैसला है। साथ ही उन्होंने लॉकडाउन के दौरान 43 दिनों तक दुकानें बंद रहने की अवधि तक लाइसेंस फीस माफी की भी मांग की है।