
UP Assembly Election 2027: कांग्रेस ने 2 अक्तूबर को आराधना मिश्रा मोना (ब्राहमण) को यूपी में पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया। इमरान मसूद (मुस्लिम) को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। देवेंद्र निषाद (ओबीसी) और आलोक प्रसाद (दलित) वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए गए। पार्टी ने राज्य प्रभारी की ज़िम्मेदारी पहले ही एक दलित नेता (राजेंद्र पाल गौतम) को दे रखी है।
कुछ ही महीने बाद होने वाले विधान सभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस संगठन में हुआ यह बड़ा फेरबदल अहम माना जा रहा है। पार्टी करीब 36 साल से राज्य में सत्ता से बाहर है। वह विपक्षी पार्टी कहलाने की भी हैसियत खो चुकी है।
| विधान सभा चुनाव वर्ष | कांग्रेस ने जीतीं सीटें | कांग्रेस को मिले वोट शेयर (%) | मुख्य बात |
| 2012 | 28 | 11.65% | राहुल गांधी के आक्रामक प्रचार के बावजूद पार्टी कोई बड़ा प्रभाव नहीं छोड़ सकी और चौथे स्थान पर रही। |
| 2017 | 7 | 6.25% | समाजवादी पार्टी के साथ "दो लड़के" (राहुल-अखिलेश) गठबंधन के तहत 105 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन निराशाजनक प्रदर्शन रहा। |
| 2022 | 2 | 2.33% | प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में "लड़की हूँ, लड़ सकती हूं" अभियान के साथ अकेले 399 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन पार्टी ने हार का ही नया रिकॉर्ड कायम किया। |
लोक सभा चुनाव में भी पार्टी का हाल बुरा ही रहा है। पिछले तीन चुनावों का हाल देखिए:
| चुनाव वर्ष | जीतीं सीटें | वोट शेयर (%) | मुख्य बात |
| 2014 | 2 | 7.53% | रायबरेली (सोनिया गांधी) और अमेठी (राहुल गांधी) में ही जीत सीमित रही। नरेंद्र मोदी की लहर के सामने पार्टी का वोट शेयर एक अंक में सिमट गया। |
| 2019 | 1 | 6.36% | पार्टी के इतिहास का सबसे निराशाजनक दौर। अमेठी की पारंपरिक सीट पर राहुल गांधी हार गए, केवल रायबरेली सीट बची। |
| 2024 | 6 | 9.46% | समाजवादी पार्टी के साथ I.N.D.I.A. गठबंधन के तहत 17 सीटों पर चुनाव लड़ा और 6 सीटों (अमेठी, रायबरेली, सहारनपुर, इलाहाबाद, बाराबंकी, सीतापुर) पर जीत हासिल की। |
2022 के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस के जो दो विधायक जीते थे, नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा उनमें से एक हैं। वह कांग्रेस के बड़े नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं और लगातार तीन बार से विधायक हैं। वह रीता बहुगुणा जोशी के बाद राज्य की पहली महिला अध्यक्ष हैं।
नए फेरबदल में इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की मुस्लिम वोट बैंक को रिझाने के मद्देनजर खास अहमियत है। मुस्लिम पारंपरिक रूप से कांग्रेस को ही वोट किया करते थे, लेकिन समाजवादी पार्टी (सपा) जैसी स्थानीय नेतृत्व वाली पार्टियां इसमें लगातार सेंध लगाती चली गईं।
2024 में इमरान मसूद पहली बार सांसद बने हैं। उनकी जीत का मार्जिन भी अच्छा था। बीजेपी के राघव लखनपाल को उन्होंने 64542 मतों से मात दी थी। मसूद राजनीतिक खानदान से आते हैं और सहारनपुर इलाके में उनके परिवार का अच्छा प्रभाव रहा है। वह अपने कई आक्रामक और विवादित बयानों से कई बार चर्चा में रहे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी कट्टर छवि बदलने पर काम शुरू किया और हिन्दू मतदाताओं तक भी पहुंच बनाने की कोशिश की। उन्होंने कांवड़ शिविर लगाए और इस तरह का बयान भी दिया कि राम मिलेंगे मर्यादा से जीने में, राम मिलेंगे हनुमान के सीने में। हो सकता है, वह अपनी इस छवि से गैर मुस्लिम मतदाताओं को भी प्रभावित कर सकें।
यूपी कांग्रेस में 2007 के बाद से कोई मुस्लिम अध्यक्ष नहीं बना है। आखिरी मुस्लिम अध्यक्ष सलमान खुर्शीद थे। पार्टी के पास आज राज्य में उस कद का कोई नेता भी नहीं है। लगातार सत्ता से बाहर रहने के चलते संगठन जमीनी स्तर पर मजबूत नहीं रह गई है। ऐसे में ब्राह्मण अध्यक्ष और मुस्लिम कार्यकारी अध्यक्ष का दांव कितना सफल होता है, यह चुनाव बाद ही पता चलेगा।
| क्र.सं. | यूपी कांग्रेस अध्यक्ष का नाम | कार्यकाल (वर्ष) |
| 1. | एन. डी. तिवारी (नारायण दत्त तिवारी) | 1989 – 1994 |
| 2. | जितेंद्र प्रसाद | 1994 – 1998 |
| 3. | सलमान खुर्शीद | 1998 – 2000 |
| 4. | श्रीप्रकाश जायसवाल | 2000 – 2002 |
| 5. | अरुण कुमार सिंह मुन्ना | 2002 – 2003 |
| 6. | जगदंबिका पाल | 2003 – 2004 |
| 7. | सलमान खुर्शीद (दूसरा कार्यकाल) | 2004 – 2007 |
| 8. | डॉ. रीता बहुगुणा जोशी | 2007 – 2012 |
| 9. | निर्मल खत्री | 2012 – 2016 |
| 10. | राज बब्बर | 2016 – 2019 |
| 11. | अजय कुमार लल्लू | 2019 – 2022 |
| 12. | बृजलाल खाबरी | 2022 – 2023 |
| 13. | अजय राय | 2023 – 2026 |
| 14. | आराधना मिश्रा 'मोना' | अक्टूबर 2026 से |
मुस्लिम वोट मुख्य रूप से सपा के साथ है। उस पर नजर बीएसपी की भी है। 2022 के चुनाव के बाद से ही मायावती मुस्लिम मतदाताओं को यह संदेश देने में लगी हैं कि आपने सपा को वोट दिया, फिर भी सपा बीजेपी को हरा नहीं पाई। 2022 में बसपा ने सबसे ज्यादा (88) मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, जीता एक भी नहीं था। चुनाव के कुछ ही महीने बाद बसपा ने इमरान मसूद को पार्टी में शामिल करा कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का संयोजक बनाया। चुनाव के अगले साल 5 जनवरी 2023 को बसपा ने शाइस्ता परवीन का पार्टी में स्वागत किया। शाइस्ता बाहुबली नेता अतीक अहमद की पत्नी हैं। अतीक पर 40 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। 2022 में आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के कारण ही मायावती ने मऊ से अपने विधायक मुख्तार अंसारी का टिकट काट लिया था।
सपा गठबंधन ने 61 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। सपा के 30 और सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के दो मुस्लिम उम्मीदवार जीते थे।