अब यदि कोरोना मरीजों की अस्पताल में मौत होती है, तो पूरी व्यवस्था की पड़ताल की जाएगी।
लखनऊ. कोरोना संक्रमण (coronavirus in UP) अभी तक नियंत्रण में नहीं आया है। प्रितिदिन औसतन ढाई से तीन हजार नए मामले व 30 मरीजों की मौत हो रही है। इसे देखते हुए सरकार ने अब और सख्त रुख अपनाया है। अब यदि कोरोना मरीजों की अस्पताल में मौत होती है, तो पूरी व्यवस्था की पड़ताल की जाएगी। मतलब उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने से लेकर, अस्पताल में पहुंचने व स्वास्थ्य व्यवस्था मिलने तक की पूरी जांच की जाएगी। मुख्य सचिव आर के तिवारी ने कोरोना नियंत्रण की व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक में इसके निर्देश दिए हैं। यूपी में अब तक 6,882 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं रविवार को लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। शनिवार को कैसरगंज के भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी कोरोना संक्रमित हुए।
इन बिंदुओं पर होगी चर्चा-
देखा जा रहा है कि कोरोना की रोकथाम के लिए पूरा अलग सिस्टम बनाया गया है, लेकिन लापरवाही अब भी हो रही है। इसी को देखते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना के कारण जिन मरीजों की अस्पताल में मौत हो रही है, उन सभी मामलों में अब देखा जाएगा कि सर्विलांस टीम समय से पहुंची या नहीं। इस बात की भी पड़ताल की जाए जांच और इलाज शुरू होने में किसी प्रकार की देर तो नहीं हुई। निजी अस्पतालों में जो मरीज टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाते हैं, उनकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी और इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर को समय से दी जा रही है या नहीं। इसकी भी पड़ताल की जाए जिन जिलों में अधिक केस आ रहे हैं वहां टेस्ट बढ़ाने को कहा है वहां टेस्ट बढ़े हैं या नहीं।