UP Economic Survey: उत्तर प्रदेश के आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन को विकास की धुरी बताया गया है। 2017-18 के मुकाबले कृषि योगदान, उत्पादन और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। सरकार ने 2047 तक आधुनिक खेती, बीज पार्क, माइक्रो इरिगेशन और एग्री-टेक के जरिए किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
UP Economic Survey Highlights Agri Growth: उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानमंडल के बजट सत्र में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की विकास यात्रा का केंद्र बिंदु कृषि और किसान हैं। “विकसित उत्तर प्रदेश 2047” के विजन के तहत राज्य सरकार ने कृषि को आधुनिक, लाभकारी और तकनीक आधारित बनाने का लक्ष्य तय किया है, ताकि किसानों की आय बढ़े और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो। सरकार का जोर “लागत कम, उत्पादन अधिक” के सिद्धांत पर है। कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन को समग्र रूप से बढ़ावा देकर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2017-18 की तुलना में 2024-25 में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान 24% से बढ़कर 24.9% हो गया है। उत्तर प्रदेश 2024-25 में 737.4 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन के साथ देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है।
दलहन व तिलहन मिशनों ने फसल विविधीकरण को बढ़ाया है। तिलहन क्षेत्रफल में लगभग 165% वृद्धि दर्ज की गई।
| योजना | उपलब्धि |
| उर्वरक वितरण | 806.70 लाख मीट्रिक टन |
| फसली ऋण | ₹13.4 लाख करोड़ से अधिक |
| पीएम-किसान | ₹94,668 करोड़ DBT |
| फसल बीमा | 61.98 लाख किसानों को ₹5110 करोड़ क्षतिपूर्ति |
| खेत तालाब | 32,732 निर्माण |
| पीएम कुसुम | 86,128 सोलर पम्प |
प्रदेश के पांच कृषि-जलवायु क्षेत्रों में उन्नत बीज पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। पहला पार्क लखनऊ के अटारी क्षेत्र में 130 एकड़ में बनेगा। यहां हाइब्रिड बीज विकास और स्पीड ब्रीडिंग की सुविधा होगी। इससे प्रदेश बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
उत्तर प्रदेश आम, आलू, सब्जी, मटर और शहद उत्पादन में अग्रणी है।
इन पहलों से किसानों की आय में विविध स्रोत जुड़े हैं।
प्रदेश में 65,000 फूड प्रोसेसिंग इकाइयां संचालित हैं, जिनसे 2.55 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। 15 से अधिक एग्रो प्रोसेसिंग पार्क विकसित किए जा चुके हैं।
प्रदेश में कार्यरत महिलाओं का 78.8% कृषि क्षेत्र में कार्यरत है। यह दर्शाता है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।