समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगी दलों के बीच हुई बैठक के बाद यह तय हुआ है कि शिवपाल यादव की पार्टी 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, शिवपाल यादव ने अपने समर्थक सदस्यों की 30 उम्मीदवारों की सूची अखिलेश यादव को सौंपी है। अखिलेश यादव को यह तय करना है कि इनमें से किन उम्मीदवारों को टिकट दिया जाए। सबसे खास बात यह है कि शिवापाल के समर्थक सपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे।
लखनऊ. अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने सहयोगी दलों के लिए कम से कम 60 सीटें छोड़ी हैं। बाकी 343 सीटों में सपा खुद चुनाव चड़ेगी। गठबंध में शामिल सारष्ट्री लोक दल को सबसे ज्यादा 30 सीटें दी गई हैं। इसके बाद सुभासपा को 13 से 15, महान दल, जनवादी पार्टी और अपना दल को दो-दो सीटें देने की बात हुई है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी का गठबंधन एमसीपी व टीएमसी से भी होने जा रहा है। इन्हें भी दो से पांच सीटें दी जा सकती हैं। पार्टी में हाल ही में भाजपा छोड़ कर शामिल हुए विभिन्न दलों के कुछ नेताओं को भी टिकट दिए जानें पर सहमति बन गई है। हालांकि ये अंतिम निर्णय नही है। सपा सूत्रों ने बाताया कि अखिलेश यादव की रणनीति एक बार में सभी सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा न करना शामिल है जिससे की भाजपा व अन्य दलों में सपा के उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंश बना रहे।
चाचा के खाते में ये सीटें
समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगी दलों के बीच हुई बैठक के बाद यह तय हुआ है कि शिवपाल यादव की पार्टी 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, शिवपाल यादव ने अपने समर्थक सदस्यों की 30 उम्मीदवारों की सूची अखिलेश यादव को सौंपी है। अखिलेश यादव को यह तय करना है कि इनमें से किन उम्मीदवारों को टिकट दिया जाए। सबसे खास बात यह है कि शिवापाल के समर्थक सपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे।
बेटे को अपनी सीट देंगे शिवपाल
शिवपाल यादव इस बार जसवंतनगर से चुनाव नहीं लड़ेगे। जसवंत नगर शिवपाल यादव के पारंपरिक सीट रही है और वे यहां से लगातार जीतते रहे है लेकिन इस बार जसवंत नगर से शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव चुनाव लड़ेगे। शिवपाल कहां से लड़ेगे यह अभी तय नहीं है। समाजवादी पार्टी ने जसवंत नगर के अलावा गुन्नौर, भोजपुर, जसराना, मुबारकपुर और गाजीपुर सदर की सीटें अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव को दिया है।
जानें किसको कितनी सीटें
बता दें कि उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने जिन दलों के साथ गठबंधन किया है उनमें ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा, जयंत चौधरी की रालोद, संजय चौहान की जनवादी पार्टी, केशव मौर्य के महान दल, कृष्णा पटेल की अपना दल कमेरावादी, एनसीपी और टीएमसी भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार सपा रालोद को करीब 30 सीट, सुभासपा को 13, महान दल, जनवादी पार्टी, अपना दल को करीब 2-3 सीटें दे सकती है। इसके अलावा एनसीपी और टीएमसी को भी एक सीटें मिल सकती हैं।