लखनऊ

UP Election 2027: CM योगी ने 45 दिन में 219 सीटों पर ‘सेट कीं गोटियां’, विपक्ष दिल्ली में व्यस्त

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते 45 दिनों से ताबड़तोड़ रैलियां और सभाएं कर रहे हैं। वहीं विपक्ष दल दिल्ली में अटका हुआ है।
2 min read
Jul 31, 2026
CM Yogi Adityanath
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फोटो- पत्रिका)

Uttar Pradesh Assembly Elections 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार मैदान में नजर आ रहे हैं। पिछले करीब डेढ़-दो महीने में उन्होंने प्रदेश के सभी 18 मंडलों का दौरा किया है। इस दौरान करीब 219 विधानसभा क्षेत्रों तक उनकी सीधी पहुंच बन गई है। पूर्वांचल हो या पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड हो या अवध, योगी हर तरफ पहुंचे हैं।

सीएम योगी की ताबड़तोड़ रैलियां

लगभग 45 दिनों के अंदर ही मुख्यमंत्री ने बिजनौर, गाजियाबाद, आगरा, झांसी, मैनपुरी, वाराणसी और गोरखपुर समेत कई जगहों का दौरा किया। इन दौरों में विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ, जनसभाएं हुईं, योजनाओं की समीक्षा की गई और आम लोगों से सीधा संवाद भी हुआ। योगी पार्टी के कार्यक्रमों में जाते रहे, प्रतिनिधिमंडलों से मिलते रहे और जनता दर्शन भी जारी रखा।

योगी ने 45 दिन में 219 सीटों पर बनाई पकड़

अभी तक वे जिन 41 जिलों में पहुंचे हैं, उनमें चित्रकूट, इटावा, मैनपुरी, आगरा, जालौन, फतेहपुर, गोरखपुर, श्रावस्ती, बहराइच, बाराबंकी, संभल, अमरोहा, बुलंदशहर, गाजियाबाद, बिजनौर, शामली, कुशीनगर, बस्ती, अयोध्या, बांदा, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सहारनपुर, रामपुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, हाथरस, गौतमबुद्ध नगर, देवरिया, संतकबीरनगर, अलीगढ़, फिरोजाबाद, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर, आजमगढ़, वाराणसी, बलरामपुर, मऊ और लखनऊ शामिल हैं।

विपक्ष अब भी दिल्ली में व्यस्त!

दूसरी तरफ विपक्ष की हालत अलग दिख रही है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मार्च 2026 में दादरी में एक बड़ी जनसभा की थी। उसे 2027 चुनाव के प्रचार की शुरुआत माना गया था। उसके बाद उनकी बड़ी जनसभाएं बहुत कम हुई हैं। वे प्रेस कॉन्फ्रेंस, सोशल मीडिया और पार्टी नेताओं के कार्यक्रमों से सरकार पर हमला जरूर बोलते रहते हैं, लेकिन मैदान में लगातार जनसभाओं का सिलसिला योगी जितना नहीं दिखता।

अक्टूबर 2025 में की थी मायावती ने आखिरी रैली

बसपा की बात करें तो मायावती की आखिरी बड़ी रैली 9 अक्टूबर 2025 को लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल पर हुई थी। चुनाव करीब आने के बावजूद बसपा की बड़े पैमाने पर जनसभाएं कम ही नजर आ रही हैं। पार्टी ज्यादातर सोशल मीडिया पर ही सक्रिय है।

राहुल गांधी भी ज्यादातर दिल्ली में ही व्यस्त दिख रहे हैं। ऐसे में एक तरफ मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, दूसरी तरफ विपक्षी बड़े नेताओं की जमीनी सक्रियता उस स्तर पर नहीं दिख रही। पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री ने हल्के अंदाज में कहा था कि जब तक विपक्ष एक बार प्रदेश घूमेगा, तब तक मैं चार बार घूम चुका होऊंगा। प्रतिशत के हिसाब से यह 80:20 का अनुपात होगा।

Updated on:
31 Jul 2026 09:27 pm
Published on:
31 Jul 2026 09:27 pm
Also Read
View All
प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर कुलपतियों ने जताई नाराजगी, बोले- संसद में ऐसी भाषा ठीक नहीं, वैज्ञानिकों का सम्मान होना चाहिए

UP Election 2027: ‘मैं ही तय कर रही उम्मीदवार’, मायावती ने आकाश आनंद पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- अफवाहों पर न करें भरोसा

कृष्ण के बाद अब शिव पर विवादित टिप्पणी! मौलाना जर्जिस पर भड़की हिंदू महासभा, बोली- एनकाउंटर में खत्म कर देना चाहिए

‘सपा-कांग्रेस ने भारतीय संस्कृति को तार-तार किया’, आखिर किस बात पर भड़के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य

कौन हैं महंत राजू दास? अपने बयान- ‘कांग्रेस के कालनेमि जैसे नेता शरण में आते हैं, तो जूता लेकर मारो’ के बाद चर्चा में