लखनऊ

UP Election 2027: अखिलेश के महिला कार्ड पर केशव का पलटवार, ‘तीन को जनता नकार चुकी, अब चौथे की बारी’

UP Election 2027: सपा की 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' के ऐलान के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर हमला बोला। उन्होंने सपा के महिला कार्ड और PDA फॉर्मूले पर भी निशाना साधा।
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Aug 27, 2026
UP Election 2027 UP Politics Keshav Prasad Maurya Akhilesh Yadav
केशव मौर्य ने अखिलेश को घेरा (photo- @ xkpmaurya1)

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने महिला वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ का ऐलान किया है। इसके तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद और छात्राओं को लैपटॉप देने का वादा किया गया है। सपा के इस ऐलान के तुरंत बाद बीजेपी की ओर से भी पलटवार शुरू हो गया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के इस महिला केंद्रित एजेंडे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कई राज्यों में जनता अलग-अलग विपक्षी दलों को सत्ता से बाहर कर चुकी है और अब उत्तर प्रदेश में सपा की बारी है।

'तीन रिजेक्टेड, अब अखिलेश की बारी'

केशव मौर्य ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और अरविंद केजरीवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं की राजनीति और घोषणाओं का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन जनता इनके दावों को पहले ही खारिज कर चुकी है। उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि बिहार में आरजेडी, पश्चिम बंगाल में टीएमसी और दिल्ली में आम आदमी पार्टी को जनता नकार चुकी है। अब 2027 में उत्तर प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी को भी सत्ता से दूर रखेगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की ओर से किए जा रहे वादे जनता को प्रभावित नहीं कर पाएंगे।

महिला योजना को लेकर भी सपा पर निशाना

सपा की ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव मौर्य ने महिला सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में प्रदेश में अपराध, गुंडागर्दी और माफियाराज का बोलबाला रहा। केशव मौर्य ने कहा कि जिस पार्टी के पुराने शासन को लेकर महिलाएं सवाल उठाती रही हैं, उसके नेताओं का अब महिला सुरक्षा और सम्मान की बात करना भरोसे के लायक नहीं है। उन्होंने सपा के महिला केंद्रित वादों को राजनीतिक रणनीति करार दिया।

PDA पर भी साधा निशाना

केशव मौर्य ने समाजवादी पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वाले राजनीतिक फॉर्मूले पर भी हमला बोला। उन्होंने इसे तंज के तौर पर ‘परिवार डेवलपमेंट एजेंसी’ बताया। उनका आरोप है कि सपा की राजनीति में परिवार को प्राथमिकता मिलती रही है और पार्टी का PDA नारा भी इसी राजनीतिक सोच का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं सपा की राजनीति और उसके वादों को अच्छी तरह समझती हैं।

अखिलेश और राहुल पर भी तंज

उपमुख्यमंत्री ने अपने बयान में अखिलेश यादव के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों नेता भविष्य की राजनीति और सत्ता को लेकर ऐसे दावे कर रहे हैं, जिन्हें जनता स्वीकार नहीं करेगी। केशव मौर्य ने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश की जनता तय करेगी कि किसे सत्ता की जिम्मेदारी देनी है। उन्होंने दावा किया कि सपा की ओर से किए जा रहे लोकलुभावन वादों का असर चुनाव में दिखाई नहीं देगा।

2027 से पहले बढ़ेगी सियासी बयानबाजी

सपा की ओर से महिलाओं को केंद्र में रखकर किए गए ऐलान के बाद बीजेपी का पलटवार बताता है कि 2027 का चुनावी मुकाबला अभी से तेज होने लगा है। एक तरफ सपा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें सुविधाएं देने का वादा कर रही है, वहीं बीजेपी उसके पुराने शासन और राजनीतिक मॉडल को मुद्दा बना रही है। आने वाले महीनों में महिला वोटर, सामाजिक समीकरण और कल्याणकारी योजनाएं उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति के अहम मुद्दे बन सकते हैं। दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला चुनाव करीब आने के साथ और तेज होने की संभावना है।

Updated on:
27 Aug 2026 03:28 pm
Published on:
27 Aug 2026 03:27 pm