लखनऊ

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: स्मार्ट मीटर की ‘किच-किच’ होगी खत्म, मई में ही जारी होंगी नई दरें

UP Electricity News : यूपी में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत! मई में जारी होंगी नई बिजली दरें। स्मार्ट मीटर रीचार्ज, प्रीपेड से पोस्टपेड विकल्प और अधिभार शुल्क की वापसी पर नियामक आयोग देगा बड़ा फैसला।
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Apr 05, 2026
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। इस साल बिजली की नई दरें (टैरिफ) अपने निर्धारित समय से लगभग छह महीने पहले ही जारी होने की उम्मीद है। नियामक आयोग की तैयारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नया टैरिफ आदेश मई में ही लागू हो सकता है, जबकि पिछले साल यह प्रक्रिया नवंबर तक खिंची थी।

नए टैरिफ आदेश के साथ ही आयोग स्मार्ट मीटर से जुड़ी उन तमाम शिकायतों पर सख्त दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिनसे उपभोक्ता लंबे समय से परेशान हैं। आयोग निम्नलिखित मसलों पर नई व्यवस्था देने जा रहा है:

रीचार्ज के बाद तुरंत कनेक्शन

अक्सर प्रीपेड मीटर रीचार्ज करने के बाद भी घंटों बिजली नहीं आती। अब आयोग कनेक्शन जुड़ने के लिए एक न्यूनतम समय अनिवार्य करेगा। यदि तय समय में बिजली नहीं जुड़ी, तो उपभोक्ता मुआवजे का हकदार होगा।

केंद्र सरकार के स्पष्टीकरण के बाद अब आयोग यह साफ करेगा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता की पसंद पर निर्भर करेगा, इसे जबरन थोपा नहीं जा सकता। जो लोग प्रीपेड से वापस पोस्टपेड में आना चाहते हैं, उन्हें भी विकल्प दिया जाएगा। स्मार्ट मीटर के तेज चलने की शिकायतों पर जांच की एक पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाएगी।

बिजली दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद कम

बीते छह वर्षों की तरह इस साल भी बिजली दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम जताई जा रही है। हालांकि बिजली कंपनियों ने अपने घाटे (ARR अंतर) की भरपाई के लिए दरों में 25 प्रतिशत इजाफे का प्रस्ताव दिया है, लेकिन आयोग उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए इसे टाल सकता है। राहत की बात यह है कि प्रीपेड मीटर धारकों को मिलने वाली 2% की छूट में इस बार बढ़ोतरी हो सकती है।

अधिभार शुल्क (Surcharge) में आएगी कमी

मई में टैरिफ जारी होने से उपभोक्ताओं को 'ईंधन अधिभार शुल्क' के बोझ से राहत मिलेगी। पिछले साल टैरिफ देरी से आने के कारण उपभोक्ताओं से लगभग 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली हुई थी। आयोग इस अतिरिक्त राशि की वापसी पर टैरिफ से पहले ही आदेश दे सकता है।

बहुमंजिला इमारतों के लिए नई व्यवस्था

अपार्टमेंट और बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए भी राहत की खबर है। अब बिजली कंपनियों (लाइसेंसी) को साझा खपत (Common Area Consumption) का स्पष्ट ब्योरा देना होगा, जिससे बिलिंग में होने वाली धांधली पर रोक लगेगी।

Updated on:
05 Apr 2026 08:31 pm
Published on:
05 Apr 2026 08:31 pm