अब तक स्मार्ट मीटर लगाने व हटाने का नियंत्रण एलएंडटी (L&T) और ईईएसएल कंपनियों के पास है और उनके कर्मचारी, इंजीनियर के मैजेस मिलने के बाद ही स्मार्ट मीटर हटाते या लगाते हैं।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
लखनऊ. स्मार्ट मीटर (Smart Meter) के डिसकनेक्शन व रिकनेक्शन में हो रही देरी से अब उपभोक्ताओं को छुटकारा मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत अब इसकी जिम्मेदारी निजि कंपनियों से हटाकर यूपीपीसीएल (UPCCL) के कर्मचारियों को सौंपी जा रही है। जिससे भुगतान के बाद समय की बचत होगी व बिना किसी विलंब के उपभोक्ता को सप्लाई मिलेगी। दरअसल अब तक स्मार्ट मीटर लगाने व हटाने का नियंत्रण एलएंडटी (L&T) और ईईएसएल कंपनियों के पास है और उनके कर्मचारी, इंजीनियर के मैजेस मिलने के बाद ही स्मार्ट मीटर हटाते या लगाते हैं। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में काफी विलंब होता और भुगतान के बाद भी बिजली सप्लाई में देर हो जाती है। आखिर में उपभोक्ता के जिम्मे आता है केवल इंतजार। इसी समस्या से छुटकारा देने के लिए एमडीएम सेल की जिम्मेदारी इंजिनियरों को सौंपने की तैयारी है।
यूं होगा उपभोक्ताओं को फायदा-
इंजिनियरों के मुताबिक, मीटर डेटा मैनेजमेंट सेल के नियंत्रण व संचालन के लिए यूपीपीसीएल के आईटी इंजिनियरों की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। बकाया बिल पर निजी सेवा प्रदाता एजेंसी के बजाय एसडीओ अपने संबधित क्षेत्र के उपभोक्ता का कनेक्शन अब ऑनलाइन काट सकेंगे। साथ ही बिल भुगतान होने पर वह ही दोबारा कनेक्शन की प्रक्रिया को भी अंजाम दे सकेंगे। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही स्मार्ट मीटर डेटा मैनेजमेंट सेल के साथ उपभोक्ताओं के कनेक्शन और रीकनेक्शन का काम भी विभाग के इंजिनियरों को सौंपा जा सकता है। इससे सीधे तौर पर लेसा के करीब दो लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इन उपभोक्ताओं को बिल भुगतान के बाद बिजली सप्लाई चालू होने में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
ऊर्जा मंत्री की हिदायत-
मंगलवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कर्मचारी व अधिकारियों का सख्त हिदायत देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं का उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं। सरकार उपभोक्ताओं की है। उन्होंने प्रमुख सचिव ऊर्जा को उपभोक्ता सेवाओं की सतत निगरानी के निर्देश दिए व कहा कि अनियमितता मिलने पर संबंधित की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को 'सही बिल-समय पर बिल' मिले, प्रोब बिलिंग शत-प्रतिशत हो। यूपीपीसीएल चेयरमैन यह सुनिश्चित करें। लापरवाह डिस्कॉम्स पर दंडात्मक कार्यवाही करें, उपभोक्ता सेवाओं में शिथिलता स्वीकार्य नहीं है।