नई सरकार के गठन के बाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों के हित में एक के बाद एक फैसले किए जा रहे हैं। पहले ही केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी राज्य के 16 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत दे सकते हैं।
नई सरकार के गठन के बाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों के हित में एक के बाद एक फैसले किए जा रहे हैं। पहले ही केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी राज्य के 16 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत दे सकते हैं। योगी आदित्यनाथ महंगाई भत्ता बढ़ाने की मंजूरी दे सकते हैं। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की दर से वृद्धि की मंजूरी दी है। अगर राज्य सरकार भी केंद्र सरकार की तर्ज पर महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की दर से वृद्धि करती है, तो यूपी सरकार पर सालाना करीब 1000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा।
16 लाख कर्मचारियों को सीधा लाभ
केंद्र में मोदी सरकार द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाने के फैसले के बाद राज्य के वित्त विभाग में सक्रियता बढ़ गई है। केंद्र के फैसले के बाद ही यूपी समेत अन्य राज्यों में बढ़े हुए डीए और डीआर के आदेश दिए जाते हैं। ऐसे में राज्य कर्मचारियों की योगी सरकार से आस बढ़ गई है। अगर योगी सरकार राज्य के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाती है, तो इससे 16 लाख कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। वित्त विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। अगर तैयारी पूरी हो गई तो मई में मिलने वाले वेतन के साथ डीए और डीआर का भुगतान भी हो सकता है। महंगाई भत्ता बढ़ने से राज्य कर्मचारियों की सैलरी बढ़ जाएगी।
31 प्रतिशत की दर से डीए और डीआर का भुगतान
वर्तमान में राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को 31 प्रतिशत की दर से डीए और डीआर का भुगतान किया जाता है। केंद्र सरकार ने 1 जनवरी, 2022 से अपने कर्मचारियों को उनकी सैलरी का 34 प्रतिशत डीए देने का फैसले किया है।
इस फॉर्मूले से निकलता है महंगाई भत्ता
7वें वेतन आयोग के तहत सैलरी कैलकुलेशन के लिए कर्मचारी की बेसिक सैलरी पर डीए कैलकुलेट करना होगा। मान लीजिए कि आपकी न्यूनतम बैसिक सैलरी 25,000 रुपये है तो उसका महंगाई भत्ता 34 प्रतिशत होगा। यानी कि डीए बढ़ने के बाद 25,000 रुपये का 34 प्रतिशत कुल 8500 रुपये होगा। मतलब पिछले महंगाई भत्ते की तुलना में कर्मचारी को हर महीने की सैलरी में 750 रुपये का फायदा हुआ।