UP Government Aadhaar Service : उत्तर प्रदेश सरकार ने आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 1000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र शुरू करने की पहल की है। अब ग्रामीणों को नया आधार बनवाने, अपडेट और प्रमाणीकरण के लिए ब्लॉक या शहर नहीं जाना पड़ेगा, ये सभी सेवाएं ग्राम सचिवालय में ही मिलेंगी।
Aadhaar Service Centre: ग्रामीणों को आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए अब ब्लॉक मुख्यालयों और शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर ही आधार सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल शुरू कर दी है। इसके तहत प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से नया आधार बनवाने, आधार में संशोधन कराने और प्रमाणीकरण जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं अब गांव में ही उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को मजबूत कर रही है। ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना इसी क्रम का एक अहम हिस्सा मानी जा रही है, जिससे ग्रामीणों की समय, धन और श्रम की बचत होगी।
पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय में आधार सेवा केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इन केंद्रों के लिए आवश्यक उपकरण जैसे बायोमेट्रिक मशीन, कैमरा, कंप्यूटर और नेटवर्क सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन आधार सेवा केंद्रों का संचालन ग्राम पंचायत सहायक करेंगे। इससे एक ओर जहां पंचायत स्तर पर रोजगार और जिम्मेदारी का सृजन होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को भरोसेमंद और अधिकृत सेवाएं प्राप्त होंगी। सरकार का उद्देश्य है कि आधार से जुड़ी हर जरूरी सुविधा ग्राम स्तर पर ही उपलब्ध हो, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
योजना के सुचारु और पारदर्शी संचालन के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने पंचायती राज विभाग को रजिस्ट्रार आईडी और इंपैनलमेंट एजेंसी (EA) आईडी जारी कर दी है। इससे यह सुनिश्चित हो गया है कि ग्राम पंचायतों में संचालित होने वाले आधार सेवा केंद्र पूरी तरह अधिकृत होंगे और आधार से संबंधित सभी कार्य मानकों के अनुरूप किए जाएंगे। पंचायती राज निदेशक ने बताया कि UIDAI की अधिकृत अनुमति मिलने से आधार सेवाओं में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना नहीं रहेगी और ग्रामीणों को भरोसेमंद सेवाएं मिल सकेंगी।
इन आधार सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को नया आधार बनवाने, नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, फोटो और बायोमेट्रिक अपडेट कराने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही आधार प्रमाणीकरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आने वाली दिक्कतें दूर होंगी। अब तक ग्रामीणों को आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए कई किलोमीटर दूर ब्लॉक या शहर जाना पड़ता था। इससे न केवल समय और पैसा खर्च होता था, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को भी काफी परेशानी होती थी। ग्राम पंचायत स्तर पर सेवा केंद्र खुलने से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
आधार सेवा केंद्रों की स्थापना से ग्रामीणों का सीधा जुड़ाव सरकारी योजनाओं से सुनिश्चित होगा। राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में आधार एक अहम भूमिका निभाता है। आधार अपडेट या प्रमाणीकरण में देरी के कारण कई बार पात्र लाभार्थी योजनाओं से वंचित रह जाते थे। अब गांव में ही आधार सेवाएं उपलब्ध होने से इस तरह की समस्याओं पर रोक लगेगी और पात्र लोगों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
फिलहाल यह योजना 1000 ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि पायलट प्रोजेक्ट के सफल संचालन के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में लागू किया जाए।पंचायतीराज विभाग का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी और शासन की “गांव-गांव विकास” की सोच को साकार किया जा सकेगा।
योगी सरकार पहले ही ग्राम सचिवालयों को बहुउद्देश्यीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। पंचायत भवनों में इंटरनेट, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आधार सेवा केंद्रों की स्थापना से ग्राम सचिवालयों की उपयोगिता और बढ़ेगी। ग्रामीणों को अब प्रमाण पत्र, सरकारी सेवाएं और आधार से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी, जिससे शासन और जनता के बीच दूरी कम होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवा केंद्रों की स्थापना आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम है। इससे न केवल डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। स्थानीय युवाओं को रोजगार, ग्रामीणों को सुविधा और सरकार को बेहतर सेवा वितरण-तीनों उद्देश्यों को यह योजना एक साथ साधती है। योगी सरकार की यह पहल ग्रामीण विकास, डिजिटल इंडिया और सुशासन के लक्ष्यों को मजबूती प्रदान करेगी।
पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि यह योजना गांवों में ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराकर शासन की विकेंद्रीकरण की नीति को मजबूत करेगी। आने वाले समय में जब हर ग्राम पंचायत में आधार सेवा केंद्र स्थापित हो जाएंगे, तब ग्रामीणों को किसी भी डिजिटल सेवा के लिए गांव से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सरकार का मानना है कि मजबूत ग्राम पंचायतें ही मजबूत प्रदेश की नींव होती हैं और आधार सेवा केंद्रों की यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।