UP Government to give Land to Many Homeless People- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Chunav 2022) से पहले योगी सरकार 10 हजार से ज्यादा बेघर परिवारों को राहत देने वाली है। दरअसल, योगी आदित्यनाथ सरकार भूमिहीन बेघरों को मकान के लिए जमीन मुहैया कराएगी।
लखनऊ.UP Government to give Land to Many Homeless People. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Chunav 2022) से पहले योगी सरकार 10 हजार से ज्यादा बेघर परिवारों को राहत देने वाली है। दरअसल, योगी आदित्यनाथ सरकार भूमिहीन बेघरों को मकान के लिए जमीन मुहैया कराएगी। यह जमीन खेती करने के इच्छुक लोगों के काम आएगी। जिनके पास खेती के लिए जमीन नहीं है उन्हें इसमें शामिल किया जाएगा। वहीं भूमिहीनों को खेती के लिए विभिन्न जिलों में कुल 543 हेक्टेयर भूमि पट्टे पर देने का भी इरादा है। योजना के तहत गरीबों को मत्स्य पालन के लिए तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले तालाब के पट्टे दिए जाएंगे। ग्राम सभा की अनुपयोगी जमीनों को भूमि सुधार कार्यक्रमों के तहत पट्टे पर आवंटित करने के लिए राजस्व परिषद ने जिलावार लक्ष्य तय कर दिया है।जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द योजना के तहत भूमि उपलब्ध कराने का कार्य खत्म करें।
नाम पर होगी चर्चा
जिन परिवारों के पास रहने के लिए घर नहीं है, सरकार मकान बनाने के लिए उन्हें ग्राम सभा की अनुपयोगी जमीन पट्टे पर देती है। भूमिहीन परिवारों को खेती के लिए जमीन भी पट्टे पर दी जाती है। मछली पालन के व्यवसाय से जुड़े लोगों/समितियों को मत्स्य पालन के लिए तालाब के पट्टे देने के अलावा कुम्हारी कला से जुड़े लोगों को मिट्टी निकालने के लिए भी सरकार स्थल आवंटन करती है। इस बार योगी सरकार भूमिहीनों को खेती के लिए विभिन्न जिलों में कुल 543 हेक्टेयर भूमि पट्टे पर देगी। जिन परिवारों के पास जमीन नहीं है उन्हें जमीन देने के लिए बैठक में उनके नाम पर चर्चा होगी। ग्राम प्रधान की ओर से इन लोगों को मकान और खेती के लिए जमीन के पट्टे देने का प्रस्ताव पेश किया जाता है जिसे बैठक में मंजूरी दी जाती है। अनुमोदित प्रस्ताव संबंधित एसडीएम को भेजा जाता है जो अपने स्तर से पात्रता की जांच कराते हैं। जांच में पात्र पाए गए लोगों को मकान बनाने या खेती के लिए पट्टे दिए जाते हैं।
खेती के लिए आवंटित होगी 1.26 हेक्टेयर जमीन
योगी सरकार खेती के लिए 1.26 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध करा सकती है। आमतौर पर आधे एकड़ से अधिक और दो हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल के तालाबों के व्यक्तिगत पट्टे 10 साल की अवधि के लिए दिए जाते हैं। दो हेक्टेयर से अधिक बड़े तालाबों के पट्टे समितियों के पक्ष में किए जाते हैं।