
BSP के भीतर टिकट चयन का पूरा फॉर्मूला क्या है? फोटो सोर्स-IANS
UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपनी चुनावी रणनीति को लेकर कई अहम संकेत दिए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने स्पष्ट किया कि BSP इस बार भी किसी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने संगठन विस्तार, उम्मीदवार चयन, राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद की जिम्मेदारी, समाजवादी पार्टी के पीडीए अभियान और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष विस्तार से रखा।
विश्वनाथ पाल ने कहा कि BSP आगामी विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। उन्होंने दोहराया कि पार्टी का गठबंधन किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता से होगा। उनके अनुसार, पार्टी सुप्रीमो मायावती पहले ही इस रणनीति को स्पष्ट कर चुकी हैं और उसी दिशा में संगठन काम कर रहा है।
राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को टिकट वितरण में अहम जिम्मेदारी मिलने की चर्चाओं पर विश्वनाथ पाल ने कहा कि प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया संगठन के विभिन्न स्तरों से शुरू होती है। को-ऑर्डिनेटर अपने-अपने क्षेत्रों से संभावित उम्मीदवारों का फीडबैक तैयार करते हैं, जिसे मायावती के पास भेजा जाता है। अंतिम निर्णय हमेशा पार्टी प्रमुख मायावती ही लेती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारियों की नियुक्ति लगातार की जा रही है और कुछ जिम्मेदारियों की घोषणा उचित समय पर होगी।
उन्होंने बताया कि BSP का संगठनात्मक अभियान लगातार जारी है। नए नियुक्त प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने में जुटे हैं। पार्टी का लक्ष्य चुनाव से पहले हर विधानसभा क्षेत्र में मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार करना है।
आकाश आनंद की तुलना आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद से किए जाने के सवाल पर विश्वनाथ पाल ने कहा कि दोनों की तुलना करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया बार-बार दोनों दलों को जोड़ने की कोशिश करता है, जबकि इसका कोई आधार नहीं है। उनके मुताबिक, किसी भी राजनीतिक नेता का मूल्यांकन उसके चुनावी प्रदर्शन और जनाधार के आधार पर होना चाहिए।
पेपर लीक संशोधन विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए विश्वनाथ पाल ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हैं। उन्होंने दावा किया कि BSP लंबे समय से इस मुद्दे को उठाती रही है और राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद भी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले से इस विषय पर आवाज उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए।
'वंदे मातरम' विधेयक पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए विश्वनाथ पाल ने कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर का विषय है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया BSP प्रमुख मायावती ही देंगी, इसलिए वह व्यक्तिगत तौर पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी 2027 के चुनाव में भी 2007 की रणनीति को आधार बनाकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग, मुस्लिम समाज और अन्य समुदायों के भाईचारा सम्मेलन लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत कर रहे हैं और उन्हें विश्वास है कि 2007 जैसा जनसमर्थन फिर से मिलेगा।
समाजवादी पार्टी की प्रस्तावित PDA रथ यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए विश्वनाथ पाल ने कहा कि बसपा का वोट बैंक पूरी तरह जागरूक है और किसी राजनीतिक अभियान से प्रभावित होने वाला नहीं है। उनका दावा था कि समाजवादी पार्टी और BJP के कुछ समर्थक भी अब BSP की ओर रुख कर रहे हैं क्योंकि जनता विभिन्न सरकारों के कामकाज की तुलना कर रही है।
विश्वनाथ पाल ने दावा किया कि मायावती सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर रही। उन्होंने कहा कि उस दौरान शिक्षा, किसानों, व्यापारियों और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण काम हुए। उनके अनुसार, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, मेडिकल संस्थानों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों की स्थापना के साथ विभिन्न वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी गई थी।
प्रदेश अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी के PDA अभियान की आलोचना करते हुए कहा कि यदि पार्टी वास्तव में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के हितों के लिए प्रतिबद्ध होती, तो सत्ता में रहते हुए उनसे जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान करती। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की कथनी और करनी में अंतर रहा है, जबकि BSP ने अपने शासनकाल में सभी वर्गों के हित में काम किया।
विश्वनाथ पाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब विभिन्न सरकारों के कार्यों का मूल्यांकन कर रही है। उनका दावा है कि सभी वर्गों का समर्थन इस बार BSP को मिलेगा और पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर सरकार बनाने में सफल होगी।
Updated on:
30 Jul 2026 06:30 pm
Published on:
30 Jul 2026 06:30 pm
