UP Krishi Vigyan Congress 2026: लखनऊ में त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 का आयोजन बुधवार से शुरू होगा, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, कार्यक्रम में देशभर के कृषि वैज्ञानिक शामिल होंगे।
UP Krishi Vigyan Congress 2026 Begins in Lucknow: राजधानी लखनऊ में बुधवार से त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 का आयोजन होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस आयोजन को कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और विकास को नई दिशा देने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
इस वर्ष कृषि विज्ञान कांग्रेस का विषय “ट्रांसफॉर्मिंग एग्रीकल्चर फॉर विकसित कृषि-विकसित भारत @2047” रखा गया है। इसका उद्देश्य देश की कृषि व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से मजबूत बनाना है, ताकि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
यह तीन दिवसीय कार्यक्रम लखनऊ स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में देशभर के नामचीन कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, नीति विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान भाग लेंगे।
उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना (2025-26) के तहत चयनित 15 कृषि वैज्ञानिकों को इस अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन वैज्ञानिकों को दिया जा रहा है, जिन्होंने कृषि अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। इन सत्रों में आधुनिक खेती, जैविक कृषि, जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण, जलवायु परिवर्तन और नई तकनीकों के उपयोग जैसे विषय शामिल होंगे। विशेषज्ञ इन विषयों पर अपने अनुभव और शोध के निष्कर्ष साझा करेंगे, जिससे किसानों और अन्य हितधारकों को नई जानकारी प्राप्त होगी।
उद्घाटन समारोह में प्रदेश के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल होंगे। इनमें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता और उप्र कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन (सेवानिवृत्त) विकास गुप्ता शामिल हैं। इनकी मौजूदगी कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाएगी।
इस कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से शोध और तकनीक को किसानों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम के जरिए किसानों को नई तकनीकों और उन्नत खेती के तरीकों की जानकारी दी जाएगी, जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिल सके। कृषि विज्ञान कांग्रेस में होने वाली चर्चाएं और सुझाव भविष्य की कृषि नीतियों को तैयार करने में भी सहायक साबित होंगे।