UP Leads EV Growth: विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की विकास यात्रा का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में यूपी की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है और बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है।
Legislative Council CM Yogi Says State Holds Over 19% Share: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की उपलब्धियों, नई औद्योगिक नीतियों और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सरकार की रणनीति को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज पारंपरिक विकास मॉडल से आगे बढ़कर भविष्य की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में बिक रहे कुल इलेक्ट्रिक वाहनों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है, जबकि तिपहिया ईवी श्रेणी में प्रदेश की भागीदारी 40 प्रतिशत से अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी और डाटा साइंस जैसे क्षेत्रों में बड़े बजट का प्रावधान किया है। उनका कहना था कि “आज डाटा ही सबसे बड़ी ताकत है, और जो राज्य डाटा तथा तकनीक पर नियंत्रण रखेगा, वही भविष्य की दिशा तय करेगा।” उन्होंने बताया कि बजट में स्टेट डाटा अथॉरिटी के गठन का प्रावधान किया गया है। साथ ही, एआई और डिजिटल सेक्टर को मजबूत आधार देने के लिए डाटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड कालखंड में वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी। प्रदेश सरकार भी उसी दृष्टिकोण को अपनाते हुए तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। “सीएम युवा उद्यमी योजना” के तहत प्रतिवर्ष डेढ़ लाख युवा उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को मार्जिन मनी, गारंटी मुक्त और ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा दी जा रही है। एमएसएमई और ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) जैसे कार्यक्रमों ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। डिजिटल रूप से सशक्त युवा तैयार करने के लिए “स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना” के अंतर्गत टैबलेट वितरण को भी तेज किया गया है, जिससे विद्यार्थी प्रारंभिक स्तर से ही आधुनिक तकनीकों से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 8 यूनिकॉर्न कार्यरत हैं, जो उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक पहचान को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत से अधिक थी, जो अब घटकर 2.24 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि जब युवा आत्मनिर्भर बनता है और रोजगार सृजन करता है, तो बेरोजगारी स्वतः कम होती है। उन्होंने पर्यटन, हॉस्पिटिलिटी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश अब भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों,एआई, रोबोटिक्स, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, ड्रोन, साइबर सुरक्षा और इलेक्ट्रिक व्हीकल में एक साथ आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में प्रदेश की पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की गई है और कई नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। फेम-1 और फेम-2 योजनाओं के प्रमुख लाभार्थी भी उत्तर प्रदेश के हैं। एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं और 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ईवी सेक्टर में प्रदेश की 19 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश अब हरित ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र में हुए विकास को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि हर गांव में खेल का मैदान, प्रत्येक ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और हर जनपद में स्टेडियम के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी तैयार है। बजट में प्रत्येक डिवीजनल हेडक्वार्टर पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने और उसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया है। ओलंपिक, एशियाड और कॉमनवेल्थ में पदक जीतने वाले 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 22 एक्सप्रेस-वे का नेटवर्क तैयार हो चुका है या निर्माणाधीन है। देश के कुल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने बिना भूमि अधिग्रहण के टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी। वर्तमान सरकार ने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए लागत को कम किया और चौड़ाई 110 मीटर से बढ़ाकर 120 मीटर की, ताकि भविष्य में बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध रहे।दिल्ली-मेरठ मार्ग पर 12 लेन का हाईवे तैयार है और रैपिड रेल के संचालन से यह दूरी 45 मिनट में तय होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल दो पूर्ण रूप से संचालित एयरपोर्ट थे, जबकि आज 16 घरेलू और चार अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तैयार है और शीघ्र ही इसका शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वाराणसी से हल्दिया के बीच इनलैंड वॉटर-वे संचालित है और प्रदेश लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के विकास मॉडल पर टिप्पणी करते हुए इसे “परिवारवादी और तुष्टीकरण आधारित” बताया। उन्होंने जेपीएनआईसी और रिवर फ्रंट परियोजना में लागत वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में पारदर्शिता का अभाव था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब अराजकता और अव्यवस्था से निकलकर सुशासन और विकास की राह पर आगे बढ़ चुका है।