
Train Murder Mystery: लखनऊ और कुशीनगर में सामने आए इस सनसनीखेज ऑनर किलिंग मामले ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। ट्रेन के अंदर बक्से में मिली सिर कटी युवती की लाश की मिस्ट्री अब पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में सामने आया है कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं, बल्कि “सम्मान के नाम पर की गई निर्मम हत्या” (Honor Killing) थी, जिसमें मृतका के पिता ने ही अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर यह जघन्य अपराध किया।
17 मई की सुबह गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर पहुंची छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एस-1 कोच में एक टिन का बक्सा लावारिस हालत में मिला था। रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों को जब बक्से से दुर्गंध आई तो इसकी सूचना जीआरपी को दी गई। पुलिस ने जब बक्सा खोला तो अंदर सलवार-सूट पहने एक युवती का धड़ मिला। सिर गायब था। बक्से के पास रखे एक थैले में युवती के कटे हुए हाथ और पैर बरामद हुए। यह दृश्य देखकर स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई थी।
जीआरपी लखनऊ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया। पुलिस ने ट्रेन के रूट में आने वाले रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए।जांच के दौरान तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पर तीन संदिग्ध लोग एक टिन का बक्सा और बैग लेकर ट्रेन के स्लीपर कोच में चढ़ते दिखाई दिए। कुछ देर बाद वे लोग बगल के एसी कोच से उतरते नजर आए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तीनों की पहचान की।
पुलिस जांच में सामने आया कि संदिग्धों में बिग्गन अंसारी उसकी बहन नूरजहां ,बहनोई मुजीबुल्ला शामिल थे। तीनों सेवरही क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी पिता बिग्गन अंसारी ने जो कहानी बताई, उसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस के अनुसार उसकी 15 वर्षीय बेटी शब्बा का एक हिंदू युवक से प्रेम संबंध था। वह युवक से फोन पर बातचीत करती थी और उससे शादी करना चाहती थी। पिता को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। बिग्गन ने कई बार बेटी को समझाने और धमकाने की कोशिश की, लेकिन लड़की नहीं मानी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी दो बेटियां पहले भी घर छोड़ चुकी थीं। उसे डर था कि तीसरी बेटी भी कहीं भाग न जाए, जिससे समाज में उसकी बदनामी होगी। इसी “इज्जत” और “बदनामी” के डर ने उसे इतना क्रूर बना दिया कि उसने अपनी ही बेटी की हत्या की साजिश रच डाली।
पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने से पहले बिग्गन अंसारी ने अपनी पत्नी और दोनों बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया। इसके बाद उसने अपनी बहन और बहनोई को घर बुलाया। तीनों ने मिलकर 16 मई की रात घर में नाबालिग शब्बा की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए बेहद खौफनाक तरीका अपनाया। पुलिस के अनुसार शव को धारदार हथियार से छह टुकड़ों में काटा गया। सिर अलग किया गया,हाथ और पैर काटे गए,धड़ को अलग रखा गया इसके बाद सिर को गांव के तालाब में फेंक दिया गया। धड़ को टिन के बक्से में रखा गया जबकि हाथ-पैर एक थैले में भर दिए गए।
आरोपी शव के टुकड़े लेकर घर से करीब चार किलोमीटर दूर तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने ट्रेन के स्लीपर कोच में बक्सा और बैग रख दिया। फिर बगल के एसी कोच से उतरकर फरार हो गए ताकि किसी को उन पर शक न हो।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और डीएनए जांच भी कराई जा रही है। हालांकि अभी तक युवती का सिर बरामद नहीं हो सका है। पुलिस गांव के तालाब और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग यह सोचकर सिहर उठे कि एक पिता अपनी बेटी के साथ इतनी बेरहमी कैसे कर सकता है। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में है।
उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले का सफल खुलासा सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर हुआ। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।