
UP Minister Anil Rajbhar: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने अयोध्या से जुड़े मामले पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य सरकार हमेशा न्यायपालिका के आदेशों का सम्मान करती आई है और आगे भी न्यायालय की ओर से जो भी निर्देश या आदेश जारी किए जाएंगे, उनका पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ पालन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अयोध्या से जुड़े विषय पर यदि न्यायालय कोई नया निर्देश देता है, तो सरकार उसका भी सम्मान करेगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित मामले में जांच न्यायालय की भावनाओं और निर्देशों को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार आगे बढ़ रही है।
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका की भूमिका सर्वोपरि होती है। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान के दायरे में रहते हुए कार्य करती है और न्यायालय के प्रत्येक आदेश का पालन करना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व में भी अदालत के निर्देशों का सम्मान किया है और भविष्य में भी इसी परंपरा का पालन जारी रहेगा।
मंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट मत है कि कानून के शासन और न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा विश्वास रखा जाना चाहिए। किसी भी संवेदनशील विषय पर अंतिम निर्णय न्यायालय के निर्देशों और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप ही आगे बढ़ाया जाता है।
अनिल राजभर ने अयोध्या से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि न्यायालय की ओर से कोई नया आदेश या दिशा-निर्देश जारी होता है तो सरकार उसे पूरी निष्ठा के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि अदालत पहले भी इस विषय पर अपनी टिप्पणियां और निर्देश दे चुकी है तथा सरकार उन सभी पहलुओं से पूरी तरह अवगत है।
उन्होंने कहा, "सरकार ने हमेशा न्यायपालिका के आदेशों का सम्मान किया है। यदि अयोध्या मामले को लेकर न्यायालय कोई भी आदेश या दिशा-निर्देश जारी करता है, तो उसका भी पूरा सम्मान किया जाएगा। पहले भी न्यायालय ने अपनी टिप्पणियां की हैं और हम न्यायपालिका की भावनाओं से पूरी तरह परिचित हैं। उसी के अनुरूप जांच आगे बढ़ रही है।"
मंत्री ने कहा कि संबंधित मामले में जांच पूरी पारदर्शिता और विधिक प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। जांच एजेंसियां अपने निर्धारित अधिकार क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं और उपलब्ध तथ्यों तथा न्यायालय के निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी जांच को लेकर अनावश्यक अटकलों से बचना चाहिए और संबंधित एजेंसियों को अपना कार्य निष्पक्ष रूप से करने देना चाहिए। जांच पूरी होने के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अनिल राजभर ने कहा कि अयोध्या जैसे विषय करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े हैं, इसलिए ऐसे मामलों में सभी पक्षों को संयम और जिम्मेदारी के साथ बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या पूर्वाग्रह उचित नहीं है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अपुष्ट खबरों या अफवाहों से दूर रहें। उनका कहना था कि लोकतंत्र में न्यायालय पर विश्वास बनाए रखना और उसकी प्रक्रिया का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून के शासन में विश्वास करती है और प्रत्येक निर्णय संविधान तथा न्यायिक व्यवस्था के अनुरूप लिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, सामाजिक सौहार्द कायम रखना और न्यायिक संस्थाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण या संवेदनशील मामले में सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट है-कानून अपना काम करेगा और न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। इसी नीति के तहत संबंधित जांच भी आगे बढ़ रही है।
अनिल राजभर ने अंत में कहा कि किसी भी न्यायिक मामले पर अंतिम निष्कर्ष न्यायालय और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आता है। ऐसे में सभी पक्षों को धैर्य रखना चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी अनावश्यक टिप्पणी से बचना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार न्यायपालिका के प्रति पूर्ण सम्मान रखती है और भविष्य में भी अदालत के प्रत्येक आदेश का पालन करती रहेगी। उनके अनुसार, न्यायिक संस्थाओं में विश्वास और संवैधानिक मूल्यों का सम्मान ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है तथा सरकार इसी सिद्धांत पर कार्य कर रही है।