
बहुमत के साथ दोबारा सत्ता वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने कई नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। इसी कड़ी में 12 अप्रैल को एक और अनोखा रिकॉर्ड पार्टी अपने नाम करने जा रही है। ऐसा पहली बार होगा जब भाजपा का बहुमत विधानसभा के साथ-साथ विधान परिषद में भी होगा। हालांकि नतीजे 12 अप्रैल को आएंगे लेकिन ऐसा अनुमान जताया जा रहा है कि 36 में से 30 सीटों कम से कम भाजपा के पास होगी। अगर नतीजे अनुमान के हिसाब से रहे तो किसी भी पार्टी को परिषद में मिलने वाले ये अब तक का सबसे बड़ा बहुमत होगा।
यूपी विधानसभा में 100 सीटें
यूपी विधानसभा में 100 सीटें है जिसमें से भाजपा के पास 33 सीटें हैं। 9 सीटों भाजपा पहले ही निर्विरोध कर चुकी है। ऐसे में 27 सीटों के लिए वोटिंग होगी। स्थानीय निकाय प्रतिनिधि इसमें वोटिंग करते हैं। सत्ताधारी पार्टी ही ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतती रही है। इसी आधार पर भाजपा के भी 30 से ज्यादा सीटें जीतने का अनुमान है। अगर भाजपा यह सीटें जीत जाती है, तो परिषद में भाजपा की सदस्य संख्या 70 के करीब हो जाएगी।
36 सीटों पर कितने प्रत्याशी मैदान में
यूपी विधान परिषद के चुनाव में मुरादाबाद और बिजनौर में दो प्रत्याशी मैदान में हैं। पीलीभीत-शाहजहांपुर में चार, रामपुर-बरेली में तीन, बदायूं में एक, हरदोई और खीरी में एक-एक, सीतापुर में तीन, लखनऊ-उन्नाव में दो, रायबरेली में चार, प्रतापगढ़ में छह, बराइच में दो, बाराबंकी में तीन, सुल्तानपुर में चार, गाजीपुर में दो, जौनपुर में तीन, आजमगढ़-मऊ में पांच, वाराणसी में तीन, मिर्जापुर-सोनभद्र और प्रयागराज में पांच, बांदा-हमीरपुर में एक, झांसी-जालौन-ललितपुर में चार, कानपुर-फतेहपुर में दो, इटावा-फर्रुखाबाद में तीन, आगरा-फिरोजाबाद में पांच, मथुरा-एटा-मैनपुरी में एक-एक, अलीगढ़ में एक, बुलंदशहर में एक, मेरठ-गाजियाबाद में छह, सहारनपुर-मुजफ्फरनगर में पांच, गोंडा में तीन, फैजाबाद में तीन, बस्ती-सिद्धार्थनगर में तीन, गोरखपुर-महाराजगंज में दो, देवरिया में छह और बलिया में दो प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।