
UP Assembly Monsoon Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान सदन में हुए हंगामे को लेकर समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। सपा विधायक संग्राम सिंह और पार्टी के डिप्टी चीफ व्हिप आर.के. वर्मा ने कहा कि विपक्ष जिन मुद्दों को सदन में उठाना चाहता था, सरकार उनसे बचने की कोशिश कर रही थी। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि सदन में जो स्थिति बनी, उसके पीछे सरकार की रणनीति थी ताकि विपक्ष के सवालों पर चर्चा न हो सके। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा की ओर से इस बयान के संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सपा विधायक संग्राम सिंह ने सदन में हुए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए IANS से कहा कि जिस आवाज को भाजपा हंगामा बता रही है, वह वास्तव में जनता की आवाज की गूंज थी। उन्होंने कहा कि यदि सदन में व्यवधान की स्थिति बनी तो उसके पीछे कारणों पर भी विचार किया जाना चाहिए। संग्राम सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले पर विपक्ष सवाल उठा रहा था, लेकिन उन सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्ष की भूमिका पर ही सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता और विपक्ष दोनों की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां हैं। उनके अनुसार, विपक्ष का दायित्व जनता की समस्याओं और सवालों को सरकार के सामने रखना है और इसी भूमिका का निर्वहन समाजवादी पार्टी कर रही है।
सपा के डिप्टी चीफ व्हिप आर.के. वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर सदन में ऐसी स्थिति बनने दी ताकि विपक्ष द्वारा दिए गए नोटिसों पर चर्चा न हो सके। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता, किसानों को खाद की उपलब्धता और बिजली आपूर्ति की समस्या जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दिए थे, लेकिन सरकार इन विषयों पर जवाब देने से बचना चाहती थी।
वर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रश्नकाल सहित हर संसदीय प्रक्रिया में भाग लेने और मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने मांग की कि विधानसभा के मॉनसून सत्र की अवधि तीन दिन से बढ़ाकर 15 दिन की जाए, ताकि जनहित से जुड़े विषयों पर पर्याप्त चर्चा हो सके।