सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी के साथ वायरल हो रहे एक विवादित गाने पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने 4 लोगों के गिरफ्तार कर लिया है। - सिंगर वरुण उपाध्याय सहित साथी भी हुए गिरफ्तार - गाने में किसी जाति, धर्म या मुल्क का नाम नहीं लिया गया
लखनऊ. सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी के साथ वायरल हो रहे एक विवादित गाने पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। इस गाना को गाने वाले भोजपुरी सिंगर वरुण उपाध्याय उर्फ वरुण बहार के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने वरुण उपाध्याय को गिरफ्तार भी कर लिया है। दरअसल जो न बोले जयश्री राम उसको भेजो कब्रिस्तान, गाने पर विवाद खड़ा होने के बाद ही पुलिस ने भोजपुरी गायक वरुण उपाध्याय के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी गायक वरुण बहार को गोंडा से गिरफ्तार कर लखनऊ ले आई है।
इसके साथ ही उनके साथियों को भी हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि यू ट्यूब चैनल पर अपलोड करने वाला राजेश वर्मा, गाने के बोल लिखने वाले संतोष यादव व मुकेश पांडेय को भी हिरासत में लिया गया है। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए व 298 के तहत हजरतगंज थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
गरीब घर से ताल्लुख रखते हैं वरुण
लखनऊ पुलिस ने रात 3 बजे वरुण बहार को गोंडा के मनकापुर थाने के बंदरहा गांव जाकर हिरासत में लिया। जानकारी के मुताबिक जो न बोले जयश्री राम उसको भेजो कब्रिस्तान गाने के खिलाफ दिल्ली समेत कई शहरों में एफआईआर भी दर्ज हुईं। वरुण पर इस गाने के माध्यम से हिंसा भड़काने, मोब लिंचिन के लिए उकसाने का आरोप लगते हुए देश भर में करीब 40 से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। वहीं इस गाने को लेकर सिंगर वरुण का कहना है कि उन्होंने लखनऊ से संगीत में विशारद की शिक्षा ले ली हैं। पिछले करीब 12 सालों से वह गाना गाकर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। वरुण बहार का कहना है कि वह गरीब घर से ताल्लुख रखते हैं, इसलिये कृप्या उन्हें बख्श दिया जाए।
भावावेश में आकर गाया गाना
भोजपुरी सिंगर वरुण ने बताया कि यह गीत उनके मित्र संतोष यादव ने लिखा है। जब वह लखनऊ की म्यूजिक कंपनी 'जनता म्यूजिक' के स्टूडियो गए तो वहां पर 'भेज दो पाकिस्तान' की जगह 'भेज दो कब्रिस्तान' कर दिया गया और कहा कि उन्होंने इस गाने में किसी जाति, धर्म या मुल्क का नाम नहीं लिया है। इससे किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुंचने का सवाल नहीं उठता। अगर मैं किसी जाति या धर्म विशेष का जिक्र कर निशाना बनाता तो जरूर दोषी होता। उन्होंने यह गाना भावावेश में आकर गाया था। अब उन्हें अपनी गलती का एहसास हो चुका है। इस मामले को यहीं खत्म कर देना चाहिए।