
लखनऊ. राजस्थान के अलवर में हुई मॉब लिंचिंग पर उत्तर प्रदेश पुलिस सख्त होती नजर आ रही है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस रणनीति बनाने में जुटी हुई है। मॉब लिंचिंग और गौहत्या - गौतस्करी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। इसके तहत सूबे के पुलिस महानिदेशक अोम प्रकाश सिंह ने प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस प्रभारियों को निर्देश जारी करते हुए ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए 'विशेष टास्क फोर्स' का गठन करने के आदेश दिए। डीजीपी ने इस बाबत एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों को यह निर्देश दिए गए हैं कि एक विशेष टास्क फोर्स का गठन करके ऐसे मामलों की संपूर्ण जानकारी इकट्ठा कर उस पर विस्तृत कार्रवाई कराएं।
कड़ी कार्रवाई के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई 2018 के अपने एक फैसले में मॉब लिंचिंग की रोकथाम एवं ऐसी घटनाओं की विवेचनाओं के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डीजीपी की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक जानकारियों की रोकथाम के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए, पीड़ित समुदाय या वर्ग के विरुद्ध अमैत्रीपूर्ण व्यवहार की घटनाओं को भी रोका जाए।
प्रचार- प्रसार से फैलाई जाएगी जागरूकता
पुलिस महानिदेशक की ओर से जारी एडवाजरी में कहा गया है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मीडिया एवं रेडियो, दूरदर्शन आदि पर प्रचार-प्रसार कर जागरूकता फैलाई जाए।
इन जिलों में होगी नजर
डीजीपी ने नोडल अधिकारियों को जिलों में ऐसे गांवों, कस्बों, मजरों व मोहल्लों को चिह्नित कराने को कहा है जहां पिछले पांच वर्षों में मॉब लिंचिंग की घटनाएं हुई हों।