UP Police: यूपी पुलिस के परिवारों को हुनरमंद बनाने के लिए 18 जिलों में 'वामा सारथी' केंद्र खोले गए हैं। यहां 18 से 45 वर्ष के सदस्य ब्यूटीशियन, टेलरिंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसे कोर्सेज सीखकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
UP Police: उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन (वामा सारथी) और राज्य सरकार के कौशल विकास विभाग ने हाथ मिलाया है। शुक्रवार को दोनों के बीच एक समझौता हुआ। इस पहल का लक्ष्य पुलिसकर्मियों के परिवारों को हुनर सिखाकर सशक्त बनाना है।
पुलिस मुख्यालय लखनऊ में 18 'वामा सारथी आत्मनिर्भर केंद्रों' का उद्घाटन किया गया। वामा सारथी की अध्यक्षा मीनाक्षी सिंह और कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव हरि ओम ने मिलकर इन केंद्रों की शुरुआत की। ये केंद्र प्रदेश के 18 प्रमुख जिलों में खोले गए हैं। इनमें लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज, आगरा, अलीगढ़, बांदा, बरेली, मुरादाबाद, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, झांसी, अयोध्या, मेरठ, मुजफ्फरनगर, आजमगढ़ और मिर्जापुर शामिल हैं।
समझौते के तहत पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को हुनर सिखाया जाएगा। इसके लिए यूपी स्किल डेवलपमेंट मिशन मदद करेगा। यहां ब्यूटीशियन, डिजिटल मित्र, टेलरिंग, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स जैसे कोर्स कराए जाएंगे। इस कार्यक्रम के पहले चरण में 1,700 से ज्यादा महिलाएं और युवा भाग ले रहे हैं। उन्हें बेहतर ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे खुद का काम शुरू कर सकें।
ट्रेनिंग को बेहतर बनाने के लिए कई बड़ी कंपनियों का सहयोग मिल रहा है। इनमें लैक्मे, रेवलॉन, ग्रॉयो, वीएलसीसी, रेमंड और नैस्कॉम जैसी संस्थाएं शामिल हैं। इससे पुलिस परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे।
वामा सारथी की अध्यक्षा मीनाक्षी सिंह ने कहा कि हमारा मकसद सिर्फ ट्रेनिंग देना नहीं है। हम चाहते हैं कि पुलिस परिवारों, खासकर युवाओं और महिलाओं का भविष्य सुरक्षित हो। उन्हें पक्का रोजगार मिले और वे आत्मविश्वास से भर सकें। प्रमुख सचिव हरि ओम ने बताया कि ट्रेनिंग के लिए उम्र सीमा 35 से बढ़ाकर 45 साल कर दी गई है। इससे ज्यादा लोग फायदा उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर स्थानीय स्तर पर ही मिलेंगे।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस का काम बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। अपने परिवारों की चिंता छोड़कर ही पुलिसकर्मी बेहतर ड्यूटी कर सकते हैं। उन्होंने वामा सारथी के प्रयासों की तारीफ की। डीजीपी ने कहा कि यह संस्था पुलिस परिवारों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए भी अच्छा काम कर रही है।