लखनऊ

UP Police Kirti Chakra: तीन गोलियां लगीं, फिर भी नहीं छोड़ा मोर्चा, शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र, यूपी पुलिस में पहली बार

Inspector Sunil Kumar Kirti Chakra: यूपी पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी पुलिसकर्मी को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। शहीद एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया। जानिए शामली मुठभेड़ और अनिल दुजाना एनकाउंटर से जुड़ी उनकी पूरी कहानी।
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Aug 15, 2026
Inspector Sunil Kumar Kirti Chakra Shaheed Inspector Sunil Kumar UP STF Inspector Sunil Kumar
एनकाउंटर में शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र (photo- UPPOLICE_NEWS5)

Shaheed Inspector Sunil Kumar:उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। यूपी एसटीएफ के शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। यह पहली बार है जब यूपी पुलिस के किसी पुलिसकर्मी को देश के इस प्रतिष्ठित वीरता सम्मान से नवाजा गया है। सुनील कुमार जनवरी 2025 में शामली के झिंझाना इलाके में बदमाशों के साथ मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए थे।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी प्रशस्ति में उनके साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान का उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मरणोपरांत कीर्ति चक्र उनके अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सम्मान है।

बदमाशों को घेरने निकली टीम की अगुवाई कर रहे थे सुनील

20 जनवरी 2025 की रात एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम ने शामली के झिंझाना क्षेत्र में बिडौली-चौसाना मार्ग पर बदमाशों की घेराबंदी की थी। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में अरशद समेत चार बदमाश मारे गए। इसी दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार को तीन गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 22 जनवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया। देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए दिए गए उनके इस बलिदान को अब कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।

अनिल दुजाना एनकाउंटर में भी निभाई थी अहम भूमिका

सुनील कुमार का नाम इससे पहले भी एसटीएफ की कई बड़ी कार्रवाइयों से जुड़ा रहा है। वर्ष 2023 में मेरठ में कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना के खिलाफ हुई कार्रवाई में भी वह एसटीएफ टीम का हिस्सा थे। 4 जून 2023 को मेरठ के जानी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में अनिल दुजाना मारा गया था। अनिल दुजाना के खिलाफ उस समय करीब 66 आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई थी। इस ऑपरेशन में भूमिका के लिए शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत राष्ट्रपति का वीरता पदक भी दिया गया था।

एसटीएफ मेरठ यूनिट के दूसरे जवानों को भी वीरता पदक

इस बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एसटीएफ की मेरठ यूनिट के कई पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। इनमें एएसपी बृजेश सिंह, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल संजय सिंह शामिल हैं। बृजेश सिंह को दूसरी बार वीरता पदक मिला है। उनकी टीम ने 10 नवंबर 2025 को मुरादाबाद के भोजपुर इलाके में एक लाख रुपये के इनामी आसिफ टिड्डा और 50 हजार रुपये के इनामी उसके साथी दीनू को मुठभेड़ में मार गिराया था। दोनों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।

एक सम्मान, जिसने शहादत को दी नई पहचान

सुनील कुमार के लिए कीर्ति चक्र सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि उनकी ड्यूटी के दौरान दिए गए सर्वोच्च बलिदान की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। यूपी पुलिस के लिए भी यह सम्मान खास है, क्योंकि प्रदेश के किसी पुलिसकर्मी को पहली बार यह प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार मिला है। उनकी शहादत और बहादुरी अब पुलिस बल की आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मिसाल बन गई है।

Updated on:
15 Aug 2026 01:17 pm
Published on:
15 Aug 2026 01:17 pm