UP Police Recruitment Milestone: लखनऊ में 936 पुलिस दूरसंचार कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरण, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की सराहना, 9 वर्षों में 2.20 लाख से अधिक पुलिस भर्तियों का रिकॉर्ड स्थापित।
UP Police Recruitment Appointment Letter Distribution: राजधानी लखनऊ स्थित Indira Gandhi Pratishthan के भव्य जुपिटर हॉल में मंगलवार को एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 936 प्रधान परिचालक एवं प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। यह कार्यक्रम 60,200 से अधिक नागरिक पुलिस आरक्षियों की दीक्षांत परेड के उपरांत आयोजित किया गया, जिसने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और भर्ती प्रणाली की मजबूती को दर्शाया।
इस अवसर पर संबोधन में यह स्पष्ट किया गया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित रही। चयनित अभ्यर्थियों को बिना किसी सिफारिश या आर्थिक लेन-देन के अवसर मिला, जो शासन की साफ नीयत और स्पष्ट नीति को दर्शाता है।
“न कोई सिफारिश, न कोई पैसा सिर्फ आपकी योग्यता और क्षमता के आधार पर चयन हुआ है,” यह संदेश समारोह के दौरान प्रमुखता से दिया गया। आरक्षण के नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए प्रक्रिया को संपन्न किया गया, जिससे सामाजिक न्याय भी सुनिश्चित हुआ।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने पुलिस बल में अभूतपूर्व वृद्धि की है। अब तक 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा चुकी है, और वर्तमान चयन को जोड़ दिया जाए तो यह संख्या 2 लाख 20 हजार से अधिक हो जाती है।
यह आंकड़ा न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। कई राज्यों में कुल पुलिस बल की संख्या भी इतनी नहीं है, जितनी भर्ती अकेले उत्तर प्रदेश ने की है। यह उपलब्धि राज्य की प्रशासनिक क्षमता और संकल्प को दर्शाती है।
उत्तर प्रदेश पुलिस को दुनिया के सबसे बड़े सिविल पुलिस बलों में गिना जाता है। ऐसे में चयनित अभ्यर्थियों को इस विशाल और जिम्मेदार संगठन का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। विशेष रूप से दूरसंचार विभाग में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि यह विभाग 25 करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में संचार व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में प्रशिक्षण व्यवस्था पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में एक समय में केवल 3000 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी। यह एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन पिछले वर्षों में इस दिशा में व्यापक सुधार किए गए हैं। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्ष 2025 में जब 60,244 आरक्षियों की भर्ती पूरी की गई, तब सभी को उत्तर प्रदेश पुलिस के अपने प्रशिक्षण केंद्रों में ही प्रशिक्षण दिया गया। यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग में भी 41,000 से अधिक पदों के लिए परीक्षाएं संपन्न कराई गई हैं। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में होमगार्ड भर्ती की प्रक्रिया एक साथ आयोजित की गई। इसके साथ ही यह भी घोषणा की गई कि Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board इस वर्ष लगभग 1 लाख नई भर्तियां करने जा रहा है। इनमें होमगार्ड, सिविल पुलिस और सब-इंस्पेक्टर (एसआई) जैसे पद शामिल होंगे। भर्ती प्रक्रियाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने केवल सामान्य भर्ती ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित किया है। प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बना है जिसने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को पुलिस बल में शामिल किया है। इसका सकारात्मक प्रभाव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देखने को मिला है, जहां उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाड़ी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और पदक जीत रहे हैं।
कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। “कानून का राज विकास की पहली गारंटी है”-इस विचार को दोहराते हुए बताया गया कि जब प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल होता है, तो निवेश बढ़ता है। आज देश और दुनिया के बड़े निवेशक उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिसका श्रेय मजबूत कानून-व्यवस्था को भी जाता है।
यह पूरा घटनाक्रम “नए उत्तर प्रदेश” की उस तस्वीर को प्रस्तुत करता है, जहां पारदर्शिता, दक्षता और विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस बल को आधुनिक, सक्षम और जनहितकारी बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं।