उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पोस्टर पॉलिटिक्स तेज हो गई है। सपा और भाजपा के बीच सियासी बहस और तेज हो गई है।
UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पोस्टर पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। 'यूथ अगेंस्ट माफिया' नाम के संगठन ने कई जिलों में बड़े होर्डिंग और पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर्स में पूर्व समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार को 'ल्यारी राज' बताया गया है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'धुरंधर सीएम' कहा गया है।
पोस्टरों में सबसे बड़ा सवाल लिखा है कि "अखिलेश का 'ल्यारी राज' या धुरंधर सीएम योगी?" यह तुलना फिल्म 'धुरंधर' से की गई है। सपा शासन को अराजकता, दंगों और माफिया के राज से जोड़ा गया है। वहीं योगी सरकार को माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाला बताया गया है। पोस्टर लखनऊ, मलिहाबाद, सीतापुर, हरदोई, जौनपुर, बाराबंकी, आजमगढ़, नोएडा, प्रतापगढ़, अमेठी और गोंडा समेत कई जिलों में लगाए गए हैं।
पोस्टरों में सपा शासन के समय हुए दंगों की पुरानी अखबार की कटिंग्स चिपकाई गई हैं। खासतौर पर मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली दंगों का जिक्र किया गया है। संगठन का आरोप है कि उस समय उत्तर प्रदेश में माफिया का बोलबाला था और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।
दूसरी तरफ पोस्टरों में योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ की गई है। माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और मुकीम काला जैसी हस्तियों की मौत या कार्रवाई से जुड़ी खबरों की कटिंग्स लगाई गई हैं। इनके जरिए संदेश दिया गया है कि योगी सरकार ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाकर माफिया राज को खत्म कर दिया और कानून का राज स्थापित किया है।
'यूथ अगेंस्ट माफिया' संगठन का कहना है कि यह अभियान युवाओं को माफिया के खिलाफ जागरूक करने के लिए शुरू किया गया है। पोस्टरों में लिखा है कि सपा के समय दंगे और माफिया का राज था, जबकि योगी के नेतृत्व में राज्य अब माफिया मुक्त होकर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
यह पोस्टर अभियान यूपी के राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बन गया है। सपा शासन की पुरानी यादें ताजा करने के साथ-साथ वर्तमान सरकार की उपलब्धियों को उजागर किया जा रहा है। 2027 के चुनाव से पहले शुरू हुई यह पोस्टर पॉलिटिक्स दोनों प्रमुख दलों के बीच तुलनात्मक बहस को और तेज कर रही है।