
शंकराचार्य पर पत्नी-बेटे का आरोप
Shankaracharya Avimukteshwaranand VS Ashutosh Maharaj: आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने रविवार को एक वीडियो जारी किया। वे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाले मुख्य व्यक्ति हैं। इस वीडियो में उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आशुतोष महाराज इस समय शामली में हैं और वहीं से उन्होंने यह वीडियो जारी किया। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पत्नी और बेटा है। उनका बेटा विद्यापीठ में पढ़ रहा है। मठ में पत्नी भी उनके साथ रहती हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई चाहे तो तीनों का डीएनए टेस्ट करा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह तथाकथित फर्जी और नकली शंकराचार्य है। भगवान के नाम पर ये मठ और संत परंपरा को बदनाम कर रहे हैं। जब इनकी पत्नी और बेटा है तो ये संत कैसे हो सकते हैं?
आशुतोष महाराज ने आगे बताया कि नंदिनी नाम की एक लड़की इनकी गर्लफ्रेंड थी। बाद में इनकी गोपनीय शादी हुई और लड़की का नाम पूर्णाम्बा हो गया। शादी के बाद दोनों का एक बच्चा हुआ है। यह बच्चा भी विद्यापीठ में पढ़ रहा है। आशुतोष महाराज ने पूछा कि अगर ये संत हैं, तो पत्नी उनके साथ क्यों रहती है? बच्चे को इसलिए विद्यापीठ में पढ़ाया जा रहा है ताकि आगे चलकर वह भी संत बन सके।
उन्होंने कहा कि हम इनको संत नहीं मानते। ये फर्जी तरीके से जगतगुरु शंकराचार्य की गद्दी पर बैठे हैं। जबकि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य नहीं है। ये भगवान आदि गुरु शंकराचार्य जी की पवित्र गद्दी को बदनाम कर रहे हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम हरिद्वार और ऋषिकेश में संतों से मिल रहे थे। हमारी 'सनातन न्याय यात्रा' निकलने वाली है। इस यात्रा के जरिए हम लोगों को बताएंगे कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की पत्नी और बेटा है।
दरअसल, आशुतोष महाराज बटुकों (छात्रों) से यौन शोषण के आरोप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR कराने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने ही बटुकों को कोर्ट में पेश कर केस दर्ज कराया था। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 मार्च को शंकराचार्य को अग्रिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने आशुतोष महाराज पर भी कुछ सवाल उठाए हैं और मीडिया में बयानबाजी से रोका है। फिर भी आशुतोष महाराज लगातार मामले को उठा रहे हैं और संत समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं।
Updated on:
06 Apr 2026 08:41 am
Published on:
06 Apr 2026 08:17 am
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