लखनऊ

BJP Meeting In Lucknow: शाह के दौरे से पहले BJP का चुनावी चक्रव्यूह तैयार, सपा के पोस्टर ने छेड़ी 2027 की सत्ता की जंग

अमित शाह के लखनऊ दौरे से पहले भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पदाधिकारियों की बैठक शुरू हुई। मिशन 2027 की रणनीति पर मंथन के बीच सपा का पोस्टर चर्चा में है।
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Updated: 29 Oct 2026, 4:25 PM IST
भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

 Amit Shah Lucknow Visit: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लखनऊ दौरे से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलाई है। बैठक में संगठन की तैयारियों, आगामी कार्यक्रमों और मिशन-2027 की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर समाजवादी पार्टी (सपा) मुख्यालय पर लगा ‘27 में आ रहे हैं अखिलेश’ का पोस्टर भी प्रदेश की राजनीतिक हलचल को चर्चा में ला रहा है।

अमित शाह के दौरे से पहले संगठन की बैठक

भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह कर रहे हैं। बैठक में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह समेत प्रदेश के सभी पदाधिकारी मौजूद हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए पार्टी संगठन में तैयारियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हो रही है। दी गई जानकारी के मुताबिक, अमित शाह अगले दिन लखनऊ पहुंचेंगे। उनके दौरे को लेकर प्रदेश मुख्यालय में तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। भाजपा के लिए यह दौरा संगठनात्मक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को सक्रिय रखने और अपनी रणनीति को धार देने में जुटी है।

प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक शुरू, संगठन की रणनीति और दौरे की तैयारियों पर चर्चा  (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )     

मिशन-2027 पर रहेगा खास फोकस

उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में भाजपा के सामने संगठन को मजबूत बनाए रखने, कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बढ़ाने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने जैसी चुनौतियां हैं। बैठक में इन मुद्दों के साथ आगामी चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है। पार्टी के लिए प्रदेश स्तर पर पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। संगठन के विभिन्न स्तरों पर समन्वय, क्षेत्रीय गतिविधियों की समीक्षा और चुनावी तैयारियों को समय रहते व्यवस्थित करना रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है। अमित शाह के दौरे के दौरान होने वाली बैठकों में किन मुद्दों पर अंतिम निर्णय लिया जाता है, इस पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी। बैठक से जुड़े घटनाक्रम पर भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा के बयान पर रहेगी नजर

सपा मुख्यालय पर ‘27 में आ रहे हैं अखिलेश’ का पोस्टर

इसी बीच लखनऊ में समाजवादी पार्टी मुख्यालय पर लगाया गया एक होर्डिंग भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। अमेठी के नेता जयसिंह प्रताप यादव की ओर से लगवाए गए इस पोस्टर पर लिखा है- ‘PDA का संदेश-अयोध्या जीते अवधेश पासी, आशुतोष-लाल बिहारी जीते काशी, 27 में आ रहे हैं श्री अखिलेश।’ पोस्टर में पीडीए के संदेश के साथ अयोध्या और काशी का उल्लेख किया गया है। इसके जरिए सपा समर्थकों के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उत्साह दिखाने और अखिलेश यादव के नेतृत्व में सत्ता में वापसी की उम्मीद जाहिर करने का प्रयास नजर आता है। हालांकि, पोस्टर को पार्टी की आधिकारिक घोषणा मानने से पहले सपा नेतृत्व की ओर से पुष्टि जरूरी होगी।

प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल

एक ओर भाजपा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से पहले संगठनात्मक बैठक के जरिए आगामी चुनाव की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, तो दूसरी ओर सपा के पोस्टर से 2027 के चुनावी संदेश को लेकर चर्चा तेज है। दोनों दलों की गतिविधियां संकेत देती हैं कि विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और राजनीतिक संवाद का महत्व लगातार बढ़ेगा। फिलहाल भाजपा की बैठक में होने वाले फैसलों और अमित शाह के दौरे के दौरान सामने आने वाले संदेश पर निगाहें रहेंगी। वहीं, सपा मुख्यालय पर लगे पोस्टर ने आगामी चुनाव को लेकर पार्टी समर्थकों की उम्मीदों को सार्वजनिक रूप से सामने रखा है। आने वाले समय में दोनों प्रमुख दलों की रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियां उत्तर प्रदेश की सियासत की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।