लखनऊ

UP PPS Transfer List: यूपी में 27 पीपीएस अधिकारियों का तबादला: दीपशिखा अहिबरन समेत कई अफसरों को नई तैनाती

UP PPS Transfer officers: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत 27 पीपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। इनमें भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाई गईं दीपशिखा अहिबरन का नाम भी शामिल है, जिन्हें गोंडा से इटावा भेजा गया है। तबादलों का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता और कानून-व्यवस्था में सुधार करना है।
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May 23, 2025
फोटो सोर्स : Google
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UP PPS Transfer: उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 27 पीपीएस (प्रोविंशियल पुलिस सर्विस) अधिकारियों का तबादला किया है। इस तबादला सूची में कई महत्वपूर्ण अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिनमें भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाई गईं दीपशिखा अहिबरन का नाम भी प्रमुख है। इन तबादलों का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।

मुख्य तबादले

  • दीपशिखा अहिबरन: गोंडा से इटावा स्थानांतरित। दीपशिखा पर बरेली के मीरगंज में सीओ रहते हुए अवैध वसूली और अभद्रता के आरोप लगे थे। एक ईंट भट्ठा मालिक से 2 लाख की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया था, जिसके बाद जांच में उन्हें दोषी पाया गया।
  • अशोक कुमार सिंह चतुर्थ: मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात थे, उन्हें मुरादाबाद में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर भेजा गया है। वे ढाई साल से मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात थे।
  • राकेश प्रताप सिंह: लखनऊ जोन के एडीजी एसबी शिरडकर के स्टाफ ऑफिसर थे, अब उन्हें कुशीनगर भेजा गया है।
  • देवेन्द्र सिंह: कानपुर देहात से सुलतानपुर स्थानांतरित।
  • अमित कुमार पाण्डेय: सहायक पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) वाराणसी से पीटीएस, जालौन भेजा गया है।

इन तबादलों में कई अधिकारियों को उनके अनुरोध पर स्थानांतरित किया गया है, जबकि कुछ का ट्रांसफर समायोजन के चलते किया गया है। इससे पहले गुरुवार शाम को भी 25 डिप्टी एसपी के ट्रांसफर किए गए थे।

दीपशिखा अहिबरन का विवादास्पद करियर

दीपशिखा अहिबरन मूल रूप से मैनपुरी जिले की रहने वाली हैं और 2017 बैच की पीपीएस अधिकारी हैं। बरेली के मीरगंज में सीओ रहते हुए उन पर लोगों से अवैध वसूली और अभद्रता के आरोप लगे थे। हिंदू संगठनों ने उन्हें हटाने के लिए धरना प्रदर्शन भी किया था।

बरेली में पोस्टिंग के दौरान दीपशिखा पर एक ईंट भट्ठा मालिक से 2 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि सीओ ने मुझसे ज्यादा पैसों की मांग की थी। मैंने इतने पैसे देने से मना कर दिया। इस पर सीओ ने कहा कि पैसे दो नहीं तो ट्रैक्टर ट्राली और जेसीबी को खनन में सीज कर दूंगी। कोर्ट में तो तुम्हें चार लाख की फीस देनी होगी, मैं तो तुमसे 2 लाख ही मांग रही हूं।

तत्कालीन सीओ दीपशिखा ने एक ट्रैक्टर और एक जेसीबी को सीज कर दिया था। एसएसपी ऑफिस में पीड़ित के बयान लिए गए। पूरे मामले की जांच में सीओ दीपशिखा का भी बयान दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने पर दीपशिखा को दोषी पाया गया था।

सूत्रों के अनुसार इन तबादलों का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के साथ फील्ड में अनुभव देना है। कुछ अधिकारियों को उनके अनुरोध पर स्थानांतरित किया गया है, जबकि कुछ का ट्रांसफर समायोजन के चलते किया गया है।