लखनऊ

यूपी की राजनीति में राज्यसभा चुनाव का नया अध्याय, दसों सीटों पर बिना मतदान सांसद निर्वाचित

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की सभी दस सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। भाजपा के आठ और सपा के दो प्रत्याशियों को जीत मिली। विधानसभा में प्रमाण पत्र सौंपे गए।
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Oct 09, 2026
भाजपा के आठ और सपा के दो प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन से यूपी में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई (फोटो सोर्स :file photo, Ritesh Singh )
भाजपा के आठ और सपा के दो प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन से यूपी में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई (फोटो सोर्स :file photo, Ritesh Singh )

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही सभी सीटों पर तस्वीर साफ हो गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठ और समाजवादी पार्टी (सपा) के दो प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी सीट पर मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। निर्वाचन की घोषणा के बाद नवनिर्वाचित सदस्यों को विधानसभा में प्रमाण पत्र भी सौंपे गए।

मतदान की नौबत नहीं, प्रक्रिया से तय हुआ परिणाम

राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने का अर्थ है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीटों के मुकाबले में मतदान कराने की जरूरत नहीं बची। उत्तर प्रदेश में भी नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद सभी दस सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हुआ। इसके साथ ही चुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक गतिविधियों का औपचारिक चरण पूरा हो गया।

भाजपा के आठ प्रत्याशियों का निर्वाचन

भाजपा की ओर से निर्विरोध निर्वाचित प्रत्याशियों में विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, गोपी कृष्ण पांडेय, धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, रामप्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नाम शामिल हैं। इन सदस्यों के निर्वाचन से राज्यसभा में उत्तर प्रदेश की ओर से भाजपा का प्रतिनिधित्व रहेगा। अब इन सदस्यों की संसदीय भूमिका और सदन में उनकी भागीदारी पर नजर रहेगी।

भाजपा के आठ प्रत्याशियों के नाम

सपा के दो प्रत्याशी भी पहुंचे राज्यसभा

समाजवादी पार्टी की ओर से प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी निर्विरोध निर्वाचित हुए। दस सीटों में सपा के हिस्से में दो सीटें आईं, जबकि आठ सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। इस तरह दोनों दलों के निर्वाचित सदस्यों के नाम तय हो गए और राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया बिना मतदान के पूरी हो गई।

विधानसभा में सौंपे गए प्रमाण पत्र

निर्वाचन की घोषणा के बाद नवनिर्वाचित सदस्यों को विधानसभा में प्रमाण पत्र सौंपे गए। यह प्रमाण पत्र उनके निर्वाचन की औपचारिक पुष्टि करता है। राज्यसभा संसद का उच्च सदन है, जहां सदस्य विधायी प्रस्तावों, राष्ट्रीय नीतियों और राज्यों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा में भाग लेते हैं। राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और सदन स्थायी होने के कारण इसके सभी सदस्यों का कार्यकाल एक साथ समाप्त नहीं होता।

अब संसदीय भूमिका पर रहेगी नजर

उत्तर प्रदेश से निर्विरोध चुने गए इन दस सदस्यों से अब सदन में उनकी भागीदारी और प्रदेश से जुड़े विषयों पर उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर अपेक्षाएं रहेंगी। राज्यसभा में कानूनों पर विचार, राष्ट्रीय महत्व के प्रश्नों पर चर्चा और विभिन्न नीतिगत विषयों पर विमर्श होता है। ऐसे में नवनिर्वाचित सदस्यों की सक्रियता आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगी। निर्विरोध निर्वाचन के साथ उत्तर प्रदेश की दस राज्यसभा सीटों पर चुनावी प्रक्रिया पूरी हो गई है। भाजपा के आठ और सपा के दो सदस्यों के निर्वाचन ने सदन में दोनों दलों के प्रतिनिधित्व की स्थिति स्पष्ट कर दी है।

Updated on:
09 Oct 2026 05:28 pm
Published on:
09 Oct 2026 04:46 pm