
आरक्षण विसंगति दूर करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने घेरा आवास, ज्ञापन सौंपकर मांगा न्याय; बोले-पात्र अभ्यर्थियों के साथ नहीं होने देंगे अन्याय (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
68500 Shikshak Bharti: उत्तर प्रदेश में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती से जुड़ी आरक्षण विसंगति दूर करने और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के आवास का घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। करीब 40 मिनट तक चले आंदोलन के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनका ज्ञापन स्वीकार किया। अभ्यर्थियों के मुताबिक, पंकज चौधरी ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुनते हुए आयोग के आदेश का पालन कराने और किसी भी पात्र अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने देने का आश्वासन दिया। इस मुलाकात के बाद लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं।
68500 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण नियमों के कथित उल्लंघन और परिणाम में विसंगतियों को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांग उठा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के आवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से संबंधित नियमों का उचित अनुपालन नहीं होने के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। उनका दावा है कि इस समस्या के समाधान के लिए वे संबंधित विभागों और आयोग के समक्ष अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली है।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए भर्ती में कथित आरक्षण विसंगति को दूर करने, परिणाम संशोधित करने और नियमानुसार पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की। आंदोलन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका उद्देश्य लंबे समय से लंबित समस्या की ओर सरकार और संगठन के शीर्ष नेतृत्व का ध्यान आकर्षित करना है, ताकि मामले का समाधान जल्द हो सके।
करीब 40 मिनट तक चले प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन स्वीकार किया और उनकी बात सुनी। अभ्यर्थियों के अनुसार, पंकज चौधरी ने कहा कि उनका मामला संज्ञान में है और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मुलाकात के दौरान पंकज चौधरी ने अभ्यर्थियों को मिठाई खिलाई और पानी भी पिलाया। इस व्यवहार को अभ्यर्थियों ने सकारात्मक रूप में लिया। हालांकि, आयोग के आदेश के अनुपालन, भर्ती परिणाम में संशोधन और नियुक्ति के संबंध में किसी औपचारिक सरकारी आदेश की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अब अभ्यर्थियों की निगाहें संबंधित विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह ने बताया कि 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के पालन को लेकर कथित विसंगतियों के संबंध में अभ्यर्थियों ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का दरवाजा खटखटाया था। उनके मुताबिक, आयोग ने संबंधित विभाग को ओबीसी वर्ग के आरक्षण और निर्धारित अर्हता के संदर्भ में परिणाम संशोधित करने तथा पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के संबंध में आदेश दिया था।
तूफान सिंह का दावा है कि आयोग के निर्देश में पूर्णांक 150 में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत के आधार पर परिणाम संशोधित कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की बात कही गई है। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण विसंगति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग के आदेश के अनुरूप अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण उन्हें लगातार आंदोलन करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि आयोग के निर्देशों का निर्धारित नियमों के अनुसार अनुपालन किया जाता है, तो लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है। हालांकि, आयोग के आदेश की सटीक भाषा, उसके दायरे और वर्तमान कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
आंदोलन में सहयोग कर रहे आशुतोष वर्मा ने कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार और संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इसी कारण अभ्यर्थियों को बार-बार प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। आशुतोष वर्मा के मुताबिक, इसी क्रम में ‘दस्तक दो अभियान’ के तहत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के आवास का घेराव किया गया। अभ्यर्थियों का उद्देश्य नेतृत्व तक अपनी मांग पहुंचाना और यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती से जुड़े मामले में जल्द निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह केवल भर्ती का मुद्दा नहीं, बल्कि रोजगार और भविष्य से जुड़ा सवाल है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन करते हुए भर्ती परिणाम में आवश्यक संशोधन किया जाए और नियमानुसार पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। उनका कहना है कि आरक्षण के नियमों का सही तरीके से पालन करना सामाजिक न्याय की दृष्टि से आवश्यक है। यदि भर्ती प्रक्रिया में किसीस्तर पर विसंगति हुई है, तो उसका निष्पक्ष परीक्षण कर नियमानुसार समाधान निकाला जाना चाहिए। अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि वे लंबे समय से इस मामले को लेकर अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। बार-बार आंदोलन करने से उनकी परेशानी बढ़ती है, लेकिन समाधान नहीं मिलने के कारण उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। अब प्रदेश अध्यक्ष से हुई मुलाकात के बाद उन्हें उम्मीद है कि संबंधित विभाग मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
आश्वासन के बाद कार्रवाई का इंतजार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात और ज्ञापन सौंपने के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, वास्तविक राहत तभी मिलेगी जब संबंधित विभाग आयोग के आदेश की स्थिति स्पष्ट करे और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के संबंध में औपचारिक कदम उठाए। फिलहाल अभ्यर्थियों की निगाहें सरकार और संबंधित विभाग पर टिकी हैं। वे चाहते हैं कि भर्ती में आरक्षण से जुड़ी कथित विसंगतियों की समीक्षा कर पात्रता के आधार पर परिणाम संशोधित किया जाए और योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिले। इस मामले में आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई ही तय करेगी कि अभ्यर्थियों की वर्षों पुरानी मांग का समाधान किस दिशा में बढ़ता है।
Updated on:
09 Oct 2026 02:17 pm
Published on:
09 Oct 2026 01:23 pm
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